निरसा के पाथरचाली गांव में जल संकट के समाधान के लिए शुरू हुई खुदाई को इसीएल (ECL) ने अचानक रुकवाया, मुखिया बोले – कोयला नहीं, मिट्टी है
निरसा विधानसभा क्षेत्र के एग्यारकुंड दक्षिण पंचायत के पाथरचाली गांव में एक अजीबो-गरीब घटना सामने आई है। पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने रेलवे और अंचल अधिकारी के सहयोग से एक गैर-मजरूआ जमीन पर तलाब खुदाई का कार्य शुरू कराया था। लेकिन खुदाई के दौरान जब काले रंग की मिट्टी जैसी वस्तु निकली, तो इसीएल (ECL) अधिकारियों ने कार्य पर रोक लगाई
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इसीएल (ECL) अधिकारियों ने कार्य पर लगाई रोक
कोयले जैसी वस्तु मिलने की खबर आग की तरह फैलते ही ईसीएल (ECL) के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बिना किसी लिखित आदेश के, मौखिक रूप से खुदाई कार्य को रोक दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया और अंचलाधिकारी से मिलकर पुनः खुदाई शुरू करवाने की मांग की।
मुखिया का बयान: “यह कोयला नहीं, महज अफवाह है”
स्थानीय मुखिया अजय कुमार राम ने स्पष्ट रूप से कहा “पांच या दस फीट खुदाई में कोयला निकलना संभव नहीं है। यह सिर्फ काले रंग की मिट्टी है जो कोयले जैसी लग सकती है। अगर जमीन की गहराई तक खुदाई हो तो संभावना हो सकती है, लेकिन तालाब की खुदाई मात्र 10 फीट तक होनी है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह सारा विवाद भू-माफियाओं की साजिश है, जो गैर-मजरूआ जमीन पर कब्जा करने के इरादे से तालाब निर्माण कार्य में बाधा डालना चाहते हैं।
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ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी को सौंपा आवेदन
ग्रामीणों ने तालाब निर्माण को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर अंचलाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है — पानी की किल्लत से राहत या कोयले की अफवाह पर रोक।
रिपोर्ट: संदीप कुमार शर्मा





















