पटना: जी हां… मकर संक्रांति से पहले
पटना की राजनीति में दही-चूड़ा ने ऐसा तड़का लगाया है कि सियासी गलियारों में खुशबू दूर-दूर तक फैल गई है। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव मंगलवार को सीधे पहुंच गए राबड़ी आवास, हाथ में न्योता, चेहरे पर मुस्कान और दिल में बड़ा सियासी दांव! तेज प्रताप यादव ने सबसे पहले पिता लालू प्रसाद यादव को दही-चूड़ा भोज का न्योता थमाया। फिर मां राबड़ी देवी से मिले, आशीर्वाद लिया… और उसके बाद जो हुआ, वही बना दिन की सबसे बड़ी राजनीतिक तस्वीर। पार्टी और परिवार से दूरी के बाद पहली बार तेज प्रताप की मुलाकात हुई छोटे भाई तेजस्वी यादव से।वो तेजस्वी… जिनसे कभी एयरपोर्ट पर नज़रें चुरा ली गई थीं, दिल्ली की अदालत में जिनसे नजरें फेर ली गई थीं… आज उन्हीं तेजस्वी को तेज प्रताप ने दही-चूड़ा भोज का सीधा और साफ न्योता दे डाला!यानि सवाल ये नहीं कि दही-चूड़ा में क्या-क्या होगा… सवाल ये है कि क्या रिश्तों में भी अब मिठास घुलेगी?दरअसल, बुधवार को तेज प्रताप यादव अपने स्टैंड रोड स्थित सरकारी आवास पर दही-चूड़ा भोज रख रहे हैं। खास बात ये है कि तेज प्रताप ने सिर्फ अपनों को ही नहीं, बल्कि एनडीए के मंत्री, विधायक और यहां तक कि उपमुख्यमंत्री तक को न्योता दे डाला है।
इसी के बाद सवाल उठने लगे थे—
क्या तेज प्रताप अपनों को छोड़ गैरों के साथ दही-चूड़ा खाएंगे? लेकिन इससे पहले कि सियासी चर्चाएं तेज होतीं, तेज प्रताप ने पूरा परिवार ही दावत में शामिल कर लिया।तो साफ है… मकर संक्रांति से पहले तेज प्रताप ने सियासत में दही-चूड़ा वाला बड़ा दांव खेल दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि— दही-चूड़ा सिर्फ थाली में सजेगा या परिवार और राजनीति—दोनों में नई शुरुआत की प्लेट भी लगेगी!






















