धनबाद: शहर के प्रतिष्ठित माडा क्लब में इस वर्ष भी पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ चित्रगुप्त पूजा का आयोजन किया गया। वर्ष 1946 से लगातार मनाई जा रही यह पूजा अब अपने 79वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है।
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चित्रगुप्त पूजा समिति (सेंट्रल कमिटी) की ओर से अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद के नेतृत्व में पूजा का विधिवत आयोजन हुआ। महासचिव अमरेंद्र सहाय ने सभी कार्यकर्ताओं का संयोजन किया। पूजा स्थल पर कलम-दवात, खाते-बही और सफेद कागज की विशेष पूजा की गई — जो भगवान चित्रगुप्त के प्रतीक माने जाते हैं।
कार्यक्रम में अधिवक्ता उदय शंकर सहित बड़ी संख्या में कायस्थ समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
अमरेंद्र सहाय ने कहा, “यह पूजा हमें अपने कर्मों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देती है। 79 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा धनबाद की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग है।”
पूजन के पश्चात भाई भोज का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर सत्य, न्याय और सदाचार के मूल्यों पर चर्चा भी की गई। कार्यक्रम में रविभूषण श्रीवास्तव, अमितेश सहाय, नीरज श्रीवास्तव, संजय बख्शी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जिले भर में 25 से अधिक स्थानों पर भव्य आयोजन
धनबाद जिले के विभिन्न इलाकों में भी चित्रगुप्त पूजा का उत्साह देखने लायक था। हाउसिंग कॉलोनी, सिनीडीह, पुराना स्टेशन, हीरापुर, सहयोगी नगर, बाबूडीह सहित 25 से अधिक स्थानों पर पूजा समितियों ने आकर्षक पंडाल सजाए।
श्री श्री नर्मदेश्वर मंदिर में आयोजित पूजा में झामुमो नेता अमितेश सहाय ने शिरकत की। उन्होंने कहा, “चित्रगुप्त पूजा में आशीर्वाद प्राप्त करने का यह सौभाग्य मिला। सभी के जीवन में ज्ञान, समृद्धि और सुख-शांति बनी रहे।”
कायस्थ कल्याण सभा द्वारा भी नर्मदेश्वर मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया गया।
सभी पंडालों में हल्दी से ‘ॐ चित्रगुप्ताय नमः’ लिखा गया और परंपरागत मस्याधार पूजा (कलम-दवात पूजा) का विधान निभाया गया।
पूजा के पश्चात सभी स्थानों पर भाई भोज का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने खीर, फल और मिठाई का प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।






















