गीता समोटा ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,849 मीटर) पर सफल चढ़ाई कर CISF की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं
नई दिल्ली | 20 मई 2025: — केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की उप-निरीक्षक गीता समोटा ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,849 मीटर) पर सफल चढ़ाई कर नया इतिहास रच दिया है। वे CISF की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा लहराकर पूरे देश को गौरवांवित किया।
Highlights:
राजस्थान के सीकर जिले के चक गांव से ताल्लुक रखने वाली गीता का यह सफर प्रेरणा और साहस की मिसाल है। एक सामान्य ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने अपनी मेहनत और मजबूत इरादों के बल पर यह असाधारण उपलब्धि हासिल की है।
CISF के लिए गौरव का क्षण
19 मई 2025 की सुबह गीता समोटा ने जब एवरेस्ट की चोटी पर कदम रखा, तो यह पल केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं थी, बल्कि यह CISF और भारत के लिए गर्व का प्रतीक बन गया। उनकी इस उपलब्धि ने महिलाओं के लिए पर्वतारोहण जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में नए रास्ते खोल दिए हैं।
खेलों से पर्वतारोहण तक का सफर
बचपन से ही खेलों में रुचि रखने वाली गीता ने हॉकी में भी राज्य स्तर पर प्रदर्शन किया, लेकिन चोट के कारण उन्हें खेल करियर छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने 2011 में CISF जॉइन किया और पर्वतारोहण की ओर कदम बढ़ाया।
साल 2015 में उन्होंने उत्तराखंड के औली में ITBP के प्रशिक्षण केंद्र से बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स किया, जहां वे अपने बैच की एकमात्र महिला थीं। इसके बाद उन्होंने एडवांस कोर्स पूरा किया और कई कठिन चोटियों पर चढ़ाई की, जिनमें माउंट सतोपंथ (उत्तराखंड) और माउंट लोबुचे (नेपाल) प्रमुख हैं।
“Seven Summits” मिशन की ओर कदम
गीता समोटा ने “सेवन समिट्स” मिशन की शुरुआत की, जिसके तहत उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, रूस, तंजानिया और अर्जेंटीना की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ाई कर भारत का गौरव बढ़ाया। यह मिशन सभी महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर चढ़ाई करने का वैश्विक लक्ष्य है।
रिकॉर्ड-ब्रेकिंग प्रदर्शन
लद्दाख के रूपशु क्षेत्र में गीता ने मात्र तीन दिनों में पांच पर्वतों पर चढ़ाई कर सबको चौंका दिया, जिनमें से तीन पर्वत 6,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर थे। उन्होंने भारत की सबसे तेज महिला पर्वतारोही बनने का खिताब अपने नाम कर लिया।
पुरस्कार और सम्मान
उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं:
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पुरस्कार 2023 — दिल्ली महिला आयोग द्वारा
गिविंग विंग्स टू ड्रीम्स अवॉर्ड 2023 — नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा
गीता समोटा की प्रेरणादायक सोच
गीता का मानना है कि “अगर आपके इरादे मजबूत हों, तो कोई भी ऊंचाई नामुमकिन नहीं होती।” उनकी सफलता हर महिला और हर युवा के लिए प्रेरणा है। उनका यह भी कहना है कि “महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, बस उन्हें अवसर और सही मार्गदर्शन की जरूरत है।”
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भविष्य की योजनाएं
गीता की सफलता से प्रेरित होकर CISF ने घोषणा की है कि साल 2026 में माउंट एवरेस्ट पर एक विशेष पर्वतारोहण टीम भेजी जाएगी, जिसमें और भी महिला अधिकारी शामिल होंगी।
गीता समोटा की यह ऐतिहासिक सफलता केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि यह एक प्रेरणा है — खासकर उन लड़कियों और महिलाओं के लिए जो ऊंचे सपने देखती हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि जुनून, मेहनत और समर्पण से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।






















