राँची : राजधानी रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के न्यू मार्केट चौक स्थित जेवर दुकान न्यू चंदन ज्वेलर्स में रविवार की दोपहर असामान्य हलचल शुरू हुई। दोपहर करीब 12 बजे में आया एक युवक दो अंगूठी खरीदने के बहाने बार-बार दुकानदार का ध्यान अपनी ओर खींच रहा था। उसकी हरकतों में कुछ ऐसा था जिसने दुकानदार के अनुभव को जगा दिया… “कुछ गड़बड़ है।” दुकानदार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। और यहीं से शुरू हुई उस ठग की कहानी, जो अपने हाथों की सफाई नहीं बल्कि दिमाग की चालाकी से लोगों के खाते साफ करता था।
‘सोनू’ का असली नाम निकला रितेश राज, साथ में मिले फर्जी कार्ड और कैश
रांची के पुलिस कप्तान राकेश रंजन ने कोतवाली DSP प्रकाश सोय की देखरेख में टीम गठित की और आगे का टास्क सौंप दिया। जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और युवक को पकड़ा, तो पूछताछ में उसका नाम रितेश राज उर्फ सोनू बताया। करीब 30 साल का रितेश राज बिहार के गयाजी के फतेहपुर थाना क्षेत्र के भारे राजा बीघा का रहने वाला है। तलाशी में पुलिस के हाथ लगे छह अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, एक फर्जी पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस और ₹25,400 नगद। पहली नज़र में तो यह मामला एक सामान्य ठगी जैसा लगा, लेकिन जब पुलिस ने गहराई से पूछताछ शुरू की, तो जो कहानी सामने आई उसने सबको चौंका दिया।
ठगी का ‘टेक्निकल ट्रिक’ – मशीन में गोंद, फोन पर इंजीनियर और फिर गायब हो जाता पैसा
रितेश ने बताया कि वह अपने साथी अभय के साथ मिलकर रांची और आसपास के इलाकों में एटीएम ठगी करता था। उनकी चालाकी का तरीका बेहद योजनाबद्ध था… एटीएम मशीन में कार्ड डालने वाले स्लॉट पर गोंद लगा दी जाती थी। जब कोई ग्राहक कार्ड डालता, तो कार्ड वहीं चिपक जाता। घबराया ग्राहक जब कार्ड निकाल नहीं पाता, तभी यह ठग मौके पर पहुंचते और खुद को ‘एटीएम इंजीनियर’ बताकर मदद करने का नाटक करते। वे ग्राहक को एक फर्जी मोबाइल नंबर पर बात करवाते… “ये कंपनी के इंजीनियर हैं, आपकी समस्या सुलझा देंगे।” इस बातचीत के दौरान वे चुपके से ग्राहक का पिन कोड जान लेते। फिर मशीन से कार्ड निकालकर किसी दूसरे एटीएम से ग्राहक के खाते से पैसा उड़ा देते।
गोंदा, पंडरा, सदर और जगन्नाथपुर — हर जगह इनके कारनामे दर्ज
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रितेश और उसका साथी अभय पहले भी कई बार पुलिस के शिकंजे से बाल-बाल बचे हैं। इन दोनों की संलिप्तता गोंदा थाना के 3, पंडरा थाना के 3, सदर थाना के 2 और जगन्नाथपुर थाना के 3 मामलों में सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इनका नेटवर्क सिर्फ रांची तक सीमित है या अन्य जिलों तक फैला हुआ है।
नशा विरोधी मोर्चे पर भी पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक
इसी बीच, एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में नशा के खिलाफ अभियान भी तेज़ किया गया। पुलिस ने पहाड़ी टोला से संतोष लोहरा, कुलदीप खलखो और अमर कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। उनके पास से 12 पुड़िया ब्राउन शुगर, एक डिजिटल तोल मशीन और एक अपाची बाइक बरामद की गई। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि रांची पुलिस एक ओर तकनीकी ठगों पर नकेल कस रही है, तो दूसरी ओर नशे के सौदागरों को भी पकड़ रही है।






















