पटना:बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) ने आज पटना में अपना संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया। इस घोषणा पत्र का नाम रखा गया है — “बिहार का तेजस्वी प्रण”।
घोषणा पत्र में कुल 25 प्रमुख वादे शामिल किए गए हैं, जिनमें राज्य में पांच नए एक्सप्रेसवे, हर घर से एक सरकारी नौकरी, और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का वादा किया गया है।
घोषणा पत्र जारी करने के कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी, भाकपा-माले के दीपांकर भट्टाचार्य सहित वाम दलों के अन्य नेता उपस्थित थे।
मुकेश साहनी ने कहा कि गठबंधन की सरकार बनने पर “घोषणा पत्र में किए गए हर वादे को पूरा किया जाएगा” और यह सरकार “बिहार को अगले 30-35 वर्षों तक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाएगी।”
घोषणा पत्र जारी करते हुए तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति सहानुभूति जताई, लेकिन भाजपा और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने नीतीश कुमार को “सिर्फ चेहरा” बनाकर इस्तेमाल किया है।
तेजस्वी ने यह भी दावा किया कि “कुछ इलाकों में मतदान की गति धीमी करने की साजिश” रची जा रही है, हालांकि गठबंधन इसके खिलाफ सतर्क रहेगा।
उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर राज्य में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आधारित उद्योग, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, आईटी पार्क, और विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी। तेजस्वी ने “भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त बिहार” का संकल्प भी दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान विपक्षी एकता और साझा विज़न पर जोर दिया गया। वहीं, एनडीए के मुख्यमंत्री चेहरे और विजन की अनुपस्थिति को विपक्ष ने प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया।






















