
रांची: रांची समाहरणालय में आज उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के दूर-दराज़ इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
जनता दरबार में भूमि विवाद, राजस्व मामलों, पेंशन, प्रमाण-पत्र और जनकल्याणकारी योजनाओं में हो रही देरी से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के सख्त निर्देश दिए।
लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने इटकी अंचल अधिकारी को जमाबंदी मामले में शिथिलता बरतने पर शो-कॉज नोटिस जारी किया। वहीं नगड़ी अंचल के एक राजस्व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
सोनाहातु अंचल में पंजी-2 सुधार में देरी को लेकर अंचल अधिकारी और संबंधित कर्मचारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जनता दरबार में 16 विस्थापित परिवारों ने भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा और तालाब को नष्ट करने की शिकायत की, जिस पर उपायुक्त ने वरीय पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पदाधिकारी को तत्काल जांच और कार्रवाई का आदेश दिया।
इसके अलावा महिला से मारपीट, चोरी, शोषण और धार्मिक भूमि से जुड़े मामलों में भी प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया।
वार्ड संख्या 53 में स्थित 100 वर्ष पुराने ऐतिहासिक बसारगढ़ तालाब को नुकसान पहुंचाने की शिकायत पर उपायुक्त ने तत्काल काम रोकने और जांच के निर्देश दिए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट कहा—
“जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों को त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान देना है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
जनता दरबार में कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जिससे लोगों में राहत और जिला प्रशासन के प्रति विश्वास देखने को मिला।






















