Jharkhand Vidhan Sabha: अरुणाचल विधानसभा अध्यक्ष ने किया प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत, झारखंड के नीति निर्माण, योजनाओं और संसाधनों के उपयोग पर हुई विशेष बैठक
Jharkhand Vidhan Sabha: के निर्देश पर विकास मुंडा, रुईस मरांडी और जयराम महतो अरुणाचल दौरे पर पहुंचे। नीति और आर्थिक विषयों पर गहन संवाद हुआ, जिससे राज्य स्तरीय सहयोग को नया आयाम मिलेगा।
Highlights:
मुख्य समाचार विवरण:
झारखंड विधानसभा (Jharkhand Vidhan Sabha) के माननीय अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो जी के मार्गदर्शन में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल में झारखंड के प्रमुख विधायकों में शामिल थे:
माननीय विकास मुंडा, तमाड़ विधायक एवं खाद्य आपूर्ति समिति के चेयरमैन
माननीय श्रीमती रुईस मरांडी, जामा की विधायक एवं पूर्व मंत्री
माननीय जयराम महतो, डुमरी विधायक
यह दौरा राज्य के विकासशील दृष्टिकोण, नीति संवाद और संसदीय आदान-प्रदान को बल देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा इनका औपचारिक स्वागत एवं सम्मान किया गया।
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मुख्य बिंदुओं पर चर्चा:
स्थानीय नीति (Local Policy):
झारखंड की स्थानीय नीति को किस तरह और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है, इस पर प्रतिनिधिमंडल ने अपने विचार साझा किए। अरुणाचल सरकार की कुछ योजनाओं को मॉडल मानकर झारखंड में लागू करने की संभावना पर बात हुई।नियोजन नीति (Planning Policy):
दोनों राज्यों के बीच योजना निर्माण और क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर तुलनात्मक चर्चा की गई। किस तरह संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सकता है, इस पर भी फोकस रहा।आर्थिक स्रोतों का उपयोग:
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि झारखंड में प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है, और उनका सही नियोजन आर्थिक समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है। अरुणाचल के अनुभवों से इस दिशा में झारखंड लाभान्वित हो सकता है।
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण:
इस दौरे को दोनों राज्यों के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक सहयोग की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। नीतियों के आदान-प्रदान के साथ-साथ सांस्कृतिक समझ और लोकतांत्रिक आदर्शों को मजबूत करने का यह अवसर रहा।
विधायक विकास मुंडा ने कहा, “हम नीतिगत बदलावों के लिए यहां सीखने आए हैं। अरुणाचल जैसे दूरवर्ती राज्य से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।”
श्रीमती रुईस मरांडी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अरुणाचल की पहलें काबिले तारीफ हैं।
जयराम महतो ने आर्थिक विकास पर बल देते हुए कहा कि झारखंड की युवा शक्ति को सही दिशा देने के लिए नीति निर्माण बेहद ज़रूरी है।
भविष्य की दिशा और असर:
इस दौरे से झारखंड के प्रतिनिधियों को न सिर्फ एक नया दृष्टिकोण मिला, बल्कि आने वाले समय में यह राज्य की योजनाओं में वास्तविक सुधार और नवाचार का मार्गदर्शन भी करेगा।
दौरे की समाप्ति पर दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने यह संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी संसदीय संवाद, नीति साझेदारी और संसाधन विकास जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे से सहयोग करते रहेंगे।






















