Ranchi News: पूर्व नक्सली की अगुवाई में कोयनारा गांव में जमीन पर दावा और ग्रामसभा के बाद हिंसा, पुलिस पर हमला – बाहरी असामाजिक तत्वों की भूमिका उजागर
Ranchi News: रांची के लापुंग और बेड़ो इलाकों में पुलिस पर हुए हमले के पीछे पूर्व नक्सली की साजिश का शक, 56 एकड़ जमीन विवाद में कई नाम शामिल। जानें पूर्व नक्सली पुनई उरांव का क्या है कनेक्शन इस हमले से।
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पूरी घटना का विश्लेषण: जमीन विवाद से लेकर पुलिस पर हमले तक
लापुंग और बेड़ो थाना क्षेत्र में पुलिस पर हमले की घटना ने पूरे झारखंड को हिला कर रख दिया है। इस हमले में पूर्व नक्सली पुनई उरांव का नाम प्रमुखता से सामने आया है। रांची के कोयनारा गांव में 56 एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा है, जिसमें पुनई उरांव की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
यह जमीन वर्षों से ग्रामीणों द्वारा खेती के लिए उपयोग की जा रही थी, लेकिन वैभव नाथ शाहदेव नामक व्यक्ति का दावा है कि यह जमीन उनकी है। इसी विवाद को लेकर मंगलवार को एक ग्रामसभा बुलाई गई थी, जिसमें मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से कुछ बाहरी लोग भी पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने पूर्व नक्सली के सहयोग से ग्रामीणों को जमीन कब्जाने के लिए उकसाया।
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पुलिस पर हमला और एफआईआर का मामला
ग्रामसभा के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और जैसे ही पुलिस गांव पहुंची, लापुंग थाना प्रभारी संतोष कुमार यादव सहित तीन पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया गया। हमले के पीछे पूर्व नक्सली पुनई उरांव को मुख्य आरोपी बनाया गया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
बाहरी तत्वों की भूमिका और ग्रामीणों को बरगलाने की कोशिश
ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर के अनुसार, पूर्व नक्सली बाहरी असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर आदिवासियों को बहका रहे हैं। पुलिस का दावा है कि यह पूरी योजना जमीन पर अवैध कब्जा जमाने के लिए बनाई गई थी। जब पुलिस गांव में दाखिल हुई तो ग्रामसभा अभी भी चल रही थी और कई ग्रामीण हथियारों के साथ खड़े थे। पुलिस द्वारा समझाने की कोशिश पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई।
जांच और छापेमारी
पुलिस ने घटना के बाद गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन हमले में शामिल आरोपी फरार पाए गए। रैप की एक कंपनी और जिला बल को गांव में तैनात किया गया है। पूर्व नक्सली की तलाश और उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।






















