झारखंड: संथाल परगना दौरे के क्रम में गुरुवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन निरसा विधानसभा क्षेत्र के मैथन पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने राज्य सरकार और सत्ताधारी दलों पर तीखा हमला बोला।
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि झामुमो, कांग्रेस और आरजेडी की गठबंधन सरकार ने पेसा कानून लागू करने के नाम पर आदिवासियों के साथ धोखा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आदिवासी समाज को भ्रमित किया है, जबकि जमीनी स्तर पर उन्हें कोई वास्तविक लाभ नहीं मिला।
चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड में आदिवासी समाज का एक लंबा और गौरवशाली इतिहास रहा है। तिलकामांझी से लेकर सिद्धो-कान्हू और बिरसा मुंडा तक कई महापुरुषों ने आदिवासियों के हक और अधिकार के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि आज समय आ गया है कि आदिवासी समाज यह आत्ममंथन करे कि उसने क्या पाया और क्या खोया।
उन्होंने कहा, “आज तक आदिवासी समाज ने सिर्फ खोया है, पाया कुछ नहीं। अगर आदिवासियों को उनका हक और अधिकार चाहिए तो एक बार फिर बड़े आंदोलन की जरूरत है।”
चंपई सोरेन ने संकेत दिया कि आने वाले समय में राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा, ताकि आदिवासियों को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके।






















