गिरिडीह:राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खरगडीहा आगमन की शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आज जमुआ प्रखंड के खरगडीहा में भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक पदयात्रा में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
Highlights:
पदयात्रा का मार्ग और आयोजन:
- पदयात्रा की शुरुआत मुख्य चौक स्थित लंगटा बाबा समाधि स्थल से की गई।
- यात्रा खरगडीहा गौशाला, जमुआ चौक, कंदाजोर, श्यामशिंग, नावाडीह होते हुए चित्तरडीह तक पहुँची।
- चित्तरडीह में रात्रि विश्राम किया गया, जहां गांधीजी के विचारों पर एक गोष्ठी भी आयोजित की गई।
संदेश और उद्देश्य:
- सभी प्रतिभागियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर गांधीजी के विचार — “अहिंसा, सत्य, एकता” — अंकित थे।
- आयोजन का उद्देश्य था युवाओं को गांधीवादी विचारधारा से जोड़ना और समाज में शांति, स्वच्छता और सौहार्द का संदेश देना।
प्रशासन की उपस्थिति:
- पदयात्रा की शुरुआत से पहले गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने लंगटा बाबा समाधि स्थल पर चारपोसी की।
- साथ में खोरीमहुआ SDO अनिमेष रंजन और SDPO राजेंद्र प्रसाद भी मौजूद रहे।
- उपायुक्त ने कहा,
“आज भी गांधीजी के विचार समाज को दिशा देने वाले हैं। इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।”
स्थानीय प्रतिभागियों की बातें:
- पदयात्रा में शामिल विश्वनाथ सिंह ने रिपोर्टर से बातचीत में कहा:
“गांधी जी ने हमें जो मूल्य दिए – सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता – वही आज के दौर में सबसे ज़रूरी हैं। ऐसी यात्राएं लोगों को जोड़ती हैं।”





















