सीएम उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में धमाकों का वीडियो किया शेयर, सीमावर्ती जिलों में फिर ब्लैकआउट
जम्मू-कश्मीर, 10 मई 2025: भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार शाम 5 बजे से Ceasefire लागू हुआ था, लेकिन मात्र 3 घंटे बाद ही पाकिस्तान ने इसका उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर में भारी फायरिंग और ड्रोन अटैक को अंजाम दिया। श्रीनगर, अखनूर, पुंछ, नौशेरा, आरएसपुरा, सांबा और उधमपुर में फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।
Highlights:
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर श्रीनगर में धमाकों का वीडियो शेयर करते हुए सवाल उठाया, “क्या यही सीजफायर है?” वीडियो में ब्लैकआउट और जोरदार धमाकों की आवाज साफ सुनाई दी।
ड्रोन से हमले और वायुसेना की तत्परता
नगरोटा और उधमपुर में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमले किए गए। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने इन सभी ड्रोन को आसमान में ही नष्ट कर दिया, जिससे किसी बड़े नुकसान से बचा जा सका। सांबा में ड्रोन का हिस्सा एक घर की छत पर गिरा, लेकिन जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
एलओसी (LOC) पर फिर शुरू हुई फायरिंग: अखनूर, जोगवां और केरी बट्टल में गोलाबारी
सीजफायर (Ceasefire) की घोषणा के कुछ ही देर बाद पाकिस्तान ने एलओसी (LOC) पर भी गोलीबारी शुरू कर दी। अखनूर, जोगवां और केरी बट्टल में मोर्टार और अन्य भारी हथियारों से हमला किया गया। राजौरी और उधमपुर में भी शेलिंग हुई है।
सीमावर्ती जिलों में दोबारा ब्लैकआउट और एडवाइजरी
फायरिंग के बाद जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, पंजाब और गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में फिर से ब्लैकआउट कर दिया गया। लोगों को घर से बाहर न निकलने की एडवाइजरी जारी कर दी गई है और बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है।
डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिकी विदेश मंत्री की मध्यस्थता के बाद हुआ था सीजफायर एलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा था कि अमेरिका की मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान सीजफायर पर सहमत हुए हैं। ट्रम्प ने दोनों देशों की ‘कॉमनसेंस’ नीति की सराहना भी की थी।
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने भी शाम 6 बजे प्रेस ब्रीफ में पुष्टि की थी कि दोनों देशों के DGMO ने फोन पर बातचीत कर सीजफायर (Ceasefire) पर सहमति जताई है।
सीजफायर (Ceasefire) के बावजूद फिर से संघर्ष की स्थिति, सीमावर्ती लोग फिर से बंकरों में लौटे
सीजफायर (Ceasefire) के बाद सीमावर्ती इलाके के लोग राहत की सांस लेकर अपने घर लौटने लगे थे, लेकिन फायरिंग शुरू होते ही वे फिर से बंकरों और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए। लोगों का कहना है कि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता, वह हर बार युद्धविराम का उल्लंघन करता है।
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पाकिस्तान की भरोसेमंद नीति पर सवाल, भारत की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
पाकिस्तान के इस अचानक सीजफायर (Ceasefire) उल्लंघन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उस पर कूटनीतिक वादों में भरोसा करना मुश्किल है। भारतीय सुरक्षा बलों की तत्परता और नागरिकों की सतर्कता ने एक बड़े संकट को टाल दिया है, लेकिन सीमा क्षेत्रों में तनाव लगातार बना हुआ है।






















