देशभर के नेत्र-विशेषज्ञों, अस्पताल प्रमुखों और जनस्वास्थ्य नेताओं ने ग्रामीण भारत में नेत्र-चिकित्सा की पहुँच बढ़ाने पर किया मंथन
Highlights:
गरीबों के लिए निःशुल्क रीडिंग चश्मा वितरण हेतु Restoring Vision, USA के साथ महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर
छपरा: अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परिसर में आज “साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” नामक एक महत्वपूर्ण पब्लिक आई हेल्थ सीएमई का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव का आयोजन अखंड ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी (AJICO) द्वारा किया गया।
इस कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न भागों से आए नेत्र-विशेषज्ञों, नेत्र-अस्पतालों के प्रमुखों, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों, कार्यक्रम संचालकों और प्रबंधन नेताओं ने भाग लिया। 30 से अधिक नेत्र संस्थानों से 300 से अधिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को अत्यंत समृद्ध और राष्ट्रीय महत्व का बना दिया।
इस वर्ष कॉन्क्लेव का विषय था:
“कम्युनिटी केयर ऐज़ मार्केट इंटेलिजेंस: एन्हैंसिंग पेशेंट एक्विज़िशन इन आई केयर सिस्टम”
सरल शब्दों में, इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य था यह समझना कि ग्रामीण और वंचित समुदायों में नेत्र-स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कैसे बढ़ाई जाए, लोगों में समय पर इलाज कराने की प्रवृत्ति कैसे विकसित की जाए, और उन्हें सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती नेत्र-चिकित्सा सेवाओं से बेहतर ढंग से कैसे जोड़ा जाए।
यह कॉन्क्लेव केवल एक शैक्षणिक सम्मेलन नहीं था, बल्कि एक ऐसा राष्ट्रीय मंच था जहाँ देश के अग्रणी नेत्र-चिकित्सा संस्थान एक साथ आए और इस बात पर गंभीर चर्चा की कि ग्रामीण भारत, विशेषकर बिहार, में अधिक से अधिक लोगों तक नेत्र-सेवाएँ समय पर और प्रभावी ढंग से कैसे पहुँचाई जाएँ।
कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रमुख विशेषज्ञों एवं नेताओं ने भाग लिया। इनमें विशेष रूप से
एम्स, नई दिल्ली,
शंकर नेत्रालय,
अरविंद आई केयर सिस्टम,
संकरा आई फाउंडेशन इंडिया,
सीतापुर आई हॉस्पिटल,
तथा अन्य अनेक अग्रणी नेत्र-संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे।
कॉन्क्लेव में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. राजवर्धन आज़ाद, चेयरमैन, क्लिनिकल एंड रिसर्च एडवाइजरी बोर्ड, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल;
प्रो. जी.वी.एस. मूर्ति, प्रेसिडेंट, PRASHO Foundation;
श्री थुल्सीराज रविल्ला, डायरेक्टर-ऑपरेशंस, अरविंद आई केयर सिस्टम एवं एडवाइज़र-LAICO;
डॉ. पार्थ बिस्वास, इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट, AIOS;
कर्नल डॉ. मधु भदौरिया, डायरेक्टर एवं चीफ मेडिकल ऑफिसर, सीतापुर आई हॉस्पिटल;
डॉ. कौशिक मुरली, प्रेसिडेंट – मेडिकल एडमिनिस्ट्रेशन, क्वालिटी एवं एजुकेशन, संकरा आई फाउंडेशन इंडिया;
डॉ. प्रवीण वशिष्ठ, प्रोफेसर एवं ऑफिसर-इन-चार्ज, कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी, डॉ. आर.पी. सेंटर, एम्स;
डॉ. आर.आर. सुधीर, हेड, प्रिवेंटिव ऑप्थैल्मोलॉजी, शंकर नेत्रालय;
सहित अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
दिनभर चली विभिन्न वैज्ञानिक एवं विचार-विमर्श सत्रों में इस बात पर चर्चा हुई कि
• समुदाय-आधारित नेत्र-सेवाएँ मरीजों तक पहुँच बढ़ाने में कैसे मदद करती हैं,
• प्राथमिक स्तर की नेत्र-चिकित्सा और रेफरल तंत्र को कैसे मजबूत किया जाए,
• प्रौद्योगिकी और डेटा का उपयोग कर मरीजों तक अधिक प्रभावी ढंग से कैसे पहुँचा जाए,
• और दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर जाँच, चश्मा, उपचार और सर्जरी कैसे उपलब्ध कराई जाए।
इस कॉन्क्लेव का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक आकर्षण था Restoring Vision, USA के साथ हुआ एमओयू।
इस अवसर पर श्री इयान रॉजर्स, सीईओ, Restoring Vision, USA और डॉ. अजीत पोद्दार, मेडिकल डायरेक्टर, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
इस एमओयू के तहत बिहार के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क रीडिंग चश्मों का वितरण करने में सहयोग दिया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी जो उम्र बढ़ने के साथ निकट दृष्टि संबंधी समस्या से जूझते हैं, लेकिन आर्थिक या भौगोलिक कारणों से समय पर चश्मा नहीं प्राप्त कर पाते।
यह समझौता बिहार में रिफ्रैक्टिव एरर और निकट दृष्टि समस्या से पीड़ित गरीब जनता के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
कॉन्क्लेव में यह भी बार-बार रेखांकित किया गया कि नेत्र-सेवा प्रणाली को केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यदि लोगों को समय पर उपचार दिलाना है, तो अस्पतालों और संस्थानों को समुदाय के बीच जाकर काम करना होगा, जागरूकता फैलानी होगी, लोगों की झिझक और डर कम करना होगा, और उन्हें यह समझाना होगा कि समय पर जाँच और उपचार से अंधत्व एवं दृष्टिबाधा की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोगी जागरूकता और हेल्थ सीकिंग बिहेवियर को बढ़ाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, विशेषकर ग्रामीण बिहार जैसे क्षेत्रों में, जहाँ बड़ी संख्या में लोग केवल जानकारी के अभाव, दूरी, डर, या आर्थिक आशंका के कारण समय पर अस्पताल तक नहीं पहुँच पाते।
इस अवसर पर अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की ओर से यह संदेश भी दिया गया कि ऐसी राष्ट्रीय स्तर की पहलें बिहार को नेत्र-स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई दिशा दे सकती हैं। देशभर के शीर्ष संस्थानों से प्राप्त सीख, अनुभव और सहयोग के माध्यम से राज्य में अधिक लोगों तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण नेत्र-चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाई जा सकती हैं।
अखंड ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी (AJICO) ने इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वह केवल उपचार तक सीमित संस्था नहीं, बल्कि ज्ञान, सहयोग, नवाचार और जनसेवा के माध्यम से भारत में नेत्र-चिकित्सा की दिशा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
समापन संदेश
“साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026” ने यह सिद्ध किया कि जब देश के अग्रणी नेत्र-संस्थान, डॉक्टर, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ और सेवा-समर्पित संगठन एक मंच पर आते हैं, तो उसका लाभ अंततः आम मरीज तक पहुँचता है।
यह कॉन्क्लेव बिहार और ग्रामीण भारत के लाखों लोगों के लिए आशा, जागरूकता और बेहतर नेत्र-सेवा पहुँच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






















