
बिहार(BIHAR):बिहार की सियासत में एक बार फिर गरमाहट आ गई है. लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है और गुरुवार को प्रचार अभियान की शुरुआत भी कर दी है। मंदिर में पूजा के बाद तेज प्रताप ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा सियासी संदेश दिया। तेज प्रताप यादव ने महुआ से अपने प्रचार की शुरुआत करते हुए खुद को लालू यादव का वारिस बताया और कहा—”मेरे अंदर लालू यादव का खून है, मुझे जिताने का मतलब है लालू यादव को जिताना।” तेज प्रताप ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे उन्हें जिताकर लालू का हाथ मजबूत करें।तेज प्रताप का हमला अपने ही पूर्व साथी पर भी रहा। उन्होंने महुआ के मौजूदा राजद विधायक मुकेश रौशन को ‘बहरुपिया’ बताते हुए कहा कि वो सिर्फ रोते हैं, जनता को चाहिए कि उन्हें झुनझुना देकर विदा कर दे।
तेज प्रताप ने दावा किया कि उन्होंने मेडिकल कॉलेज दिया और अब अगर उन्हें मौका मिला तो गरीबों को पक्के मकान और फ्री बिजली देंगे। तेज प्रताप यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को भी खुली चुनौती दे डाली। जब पत्रकारों ने उनसे तेजस्वी के “अर्जुन” वाले बयान पर सवाल किया तो तेज प्रताप बोले—”अगर वो कृष्ण हैं तो मुरली बजाकर दिखाएं, तभी साबित होगा कौन अर्जुन है और कौन कृष्ण।” तेज प्रताप 2015 में पहली बार महुआ से विधायक बने थे और तब बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रहे। हालांकि अब पार्टी और परिवार से दूरी के चलते उन्होंने निर्दलीय मैदान में उतरने का फैसला किया है। ऐसे में देखना होगा कि महुआ की जनता इस बार लालू के बेटे को कितना समर्थन देती है। बिहार की राजनीति में परिवार के भीतर शुरू हुई यह सीधी टक्कर क्या नए समीकरण गढ़ेगी? इसका फैसला जनता करेगी आने वाले चुनाव में।






















