पटना:बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज पटना में प्रेस वार्ता करते हुए निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और नैतिकता पर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में सत्तारूढ़ दल द्वारा महिलाओं को पैसे बाँटना लोकतंत्र और आचार संहिता की भावना के विपरीत है।
तेजस्वी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे सिर्फ “हवाबाजी” करते हैं और बिहार को उपनिवेश बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
Highlights:
चुनाव प्रचार पर निकलने से पहले तेजस्वी यादव ने पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमित शाह ने खुद स्वीकार किया था कि बिहार में जमीन नहीं है, इसलिए यहाँ फैक्ट्री लगाना मुश्किल है, जबकि सारी फैक्ट्रियाँ गुजरात में ही लगाई जाएँगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सिर्फ बिहारवासियों से वोट लेने का काम करती है, विकास का नहीं।
तेजस्वी ने कहा कि अब बिहार की जनता जाग चुकी है —
“यह लोग बिहार पर कब्जा करना चाहते हैं, इसे उपनिवेश बनाना चाहते हैं, लेकिन इस बार बिहार केवल बिहारी ही चलाएगा, कोई बाहर वाला नहीं।”
उन्होंने राज्यवासियों से अपील की कि वे ऐसे नेताओं को सबक सिखाएँ जो बिहार को पीछे धकेलने का काम कर रहे हैं।
निर्वाचन आयोग पर सवाल:
तेजस्वी यादव ने कहा कि 24 तारीख को बिहार सरकार ने महिलाओं को पैसे बाँटे, और अब फिर 10 लाख महिलाओं को नकद राशि देने का काम हो रहा है।
उन्होंने पूछा —
“आख़िर निर्वाचन आयोग की नैतिकता कहाँ चली गई है?
पिछले 20 सालों में महिलाओं को ₹1 नहीं दिए गए,
तो अब चुनाव के वक्त यह ‘रिश्वत’ क्यों बाँटी जा रही है?”
तेजस्वी ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया और कहा कि यह चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश है।





















