
रांची: रांची जिले में जन्म–मृत्यु निबंधन प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित सीआरएस पोर्टल आधारित तीन दिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण 02, 05 एवं 06 जनवरी 2026 को समाहरणालय के ब्लॉक–बी स्थित कक्ष संख्या 505 में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त–सह–जिला रजिस्ट्रार (जन्म–मृत्यु) मंजूनाथ भजन्त्री ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जन्म और मृत्यु निबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रत्येक जन्म और मृत्यु का निबंधन निर्धारित समय सीमा 21 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए।
उपायुक्त ने प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने, कार्यकुशलता बढ़ाने और आम नागरिकों को दलालों से मुक्त कर त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन जिला सांख्यिकी पदाधिकारी–सह–अपर जिला रजिस्ट्रार (जन्म–मृत्यु) शेषनाथ बैठा ने किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी सेवाओं को जनता के द्वार तक पहुंचाने, डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को साकार करने और जन्म–मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने पर बल दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में बताया गया कि जन्म एवं मृत्यु निबंधन अधिनियम, 1969 के अंतर्गत प्रत्येक जन्म और मृत्यु का पंजीकरण अनिवार्य है। यह प्रमाण पत्र स्कूल प्रवेश, पासपोर्ट, राशन कार्ड, वोटर आईडी, पेंशन, बीमा, संपत्ति हस्तांतरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए अत्यंत आवश्यक दस्तावेज है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी सदर, अपर समाहर्ता, जनगणना निदेशालय के पदाधिकारी, नगर प्रशासक, जिला एवं प्रखंड स्तरीय सांख्यिकी कर्मी, पंचायत सचिव, रजिस्ट्रार (जन्म–मृत्यु) एवं कंप्यूटर ऑपरेटर बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।






















