लोहरदगा: महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के तत्वावधान में आज नया नगर भवन, लोहरदगा में बाल विवाह मुक्त झारखंड, मिशन शक्ति और राज्य योजनाओं पर एक दिवसीय अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. रामेश्वर उराँव ने कहा कि बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन कुरीतियों को केवल शिक्षा के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है। “ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर मामले सामने आते हैं क्योंकि वहां शिक्षा की कमी है। यदि हर व्यक्ति शिक्षित हो जाए तो ये कुरीतियां आसानी से समाप्त हो सकती हैं,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम में उपायुक्त डॉ. ताराचंद ने कहा कि जन-जागरूकता से ही कुरीतियों का उन्मूलन संभव है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा पंचायत स्तर पर “गोइठ कार्यक्रम” चलाया जा रहा है, जिसमें मुखिया और सरकारी कर्मियों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और कुरीतियों के उन्मूलन के बारे में जागरूक किया जाता है।
उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, डालसा सचिव राजेश कुमार, एसडीपीओ वेदांत शंकर, आइटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी को बाल विवाह और डायन प्रथा उन्मूलन की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, डीएसपी समीर तिर्की, विधायक प्रतिनिधि नीशीथ जायसवाल, जिला स्तरीय अधिकारी, सभी सीडीपीओ, पंचायत मुखिया, आंगनवाड़ी सेविकाएं एवं सहायिकाएं मौजूद थे।






















