हजारीबाग: “बेटी हम शर्मिंदा हैं… तेरे कातिल जिंदा हैं…” — इसी गूंज के साथ हजारीबाग की सड़कों पर आज जनाक्रोश फूट पड़ा।
एक नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या के विरोध में लोगों का गुस्सा सड़कों पर साफ नजर आया। के नेतृत्व में हजारों लोग न्याय की मांग को लेकर एकजुट हुए।
शहर से लेकर गांव तक बंद का असर दिखा… दुकानें स्वेच्छा से बंद रहीं… सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा… और हर चेहरे पर सिर्फ एक ही सवाल था — आखिर कब मिलेगा इंसाफ?
प्रदर्शनकारियों की एक ही मांग है — पीड़िता को न्याय मिले और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और हजारीबाग एसपी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है।
इधर, सांसद मनीष जायसवाल ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है —
“अगर जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र होगा… जरूरत पड़ी तो पूरा झारखंड बंद किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि एक मां अपनी बेटी के लिए इंसाफ मांग रही है… और यह घटना पूरे समाज को शर्मसार करने वाली है।
अब सबसे बड़ा सवाल —
कब तक मिलेगा पीड़ित परिवार को न्याय?
और कब कानून के शिकंजे में आएंगे ये दरिंदे?
हजारीबाग से उठी ये आवाज अब पूरे राज्य में गूंज रही है… और देश जवाब मांग रहा है।





















