झारखंड: 9 जुलाई को “अखिल भारतीय आम भारत बंद” परिवहन सेवाएं रहेंगी ठप
असंगठित कामगारों के अधिकार, अवैध वसूली और श्रम कानूनों को लेकर झारखंड परिवहन मजदूर यूनियन और ट्रेड यूनियनों का संयुक्त आंदोलन
रांची, झारखंड – झारखंड में परिवहन मजदूर यूनियन और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच द्वारा प्रस्तावित 20 मई को होने वाली आम भारत बंद हड़ताल अब 9 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी। यह हड़ताल असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों, चार श्रम कानूनों की वापसी, और सड़क सुरक्षा विधेयक 2019 को रद्द करने सहित कई स्थानीय मांगों को लेकर की जा रही है।
Highlights:
हड़ताल की प्रमुख मांगें
इस अखिल भारतीय हड़ताल का नेतृत्व ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन कर रही है। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए चार श्रम संहिताओं की वापसी
सड़क सुरक्षा विधेयक 2019 को वापस लिया जाए
ट्रांसपोर्ट सेक्टर में हो रही अवैध वसूली पर रोक
चालकों के लिए विश्रामगृह, शौचालय की समुचित व्यवस्था
जिला परिवहन कल्याण बोर्ड का गठन
परिवहन और औद्योगिक सेवाएं होंगी प्रभावित
इस हड़ताल में बीएमसी को छोड़कर सभी प्रमुख ट्रेड यूनियनें शामिल होंगी। अनुमान है कि कोयला, इस्पात, बैंकिंग और परिवहन क्षेत्रों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहेगा। सड़कों पर वाहन नहीं चलेंगे, जिससे आमजन को भी भारी असुविधा हो सकती है।
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दुकानों को बंद कराने उतरेंगे कार्यकर्ता
बंदी के दौरान सभी ट्रेड यूनियन समर्थक सड़क पर उतरेंगे और आम नागरिकों से सहयोग मांगते हुए दुकानों को बंद कराकर बंद को सफल बनाने की अपील करेंगे।
यह हड़ताल न केवल झारखंड बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में भी असर डालेगी। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए श्रम कानूनों और सड़क सुरक्षा विधेयक को लेकर लगातार विरोध जताया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार और ट्रेड यूनियनों के बीच कोई समझौता होता है या हड़ताल पूर्व नियोजित तरीके से 9 जुलाई को होती है।





















