10 साल पहले बना पुल अब ध्वस्त होने के कगार पर, JMM नेताओं ने की जांच और मरम्मत की मांग
जमुआ, गिरिडीह (झारखंड) – जमुआ प्रखंड अंतर्गत करोड़ीह पंचायत में भागजोगरवा उसरी नदी पर बना पुल अब जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। यह पुल गिरिडीह मेन रोड को करमा टांड़, बलगो होते हुए जोरासांख रोड से जोड़ता है, और स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। लेकिन अब इसकी हालत इतनी खराब हो गई है कि ग्रामीणों को इस पर चलने में डर सताने लगा है।
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JMM नेताओं ने ठेकेदार और इंजीनियर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रखंड अध्यक्ष रंजीत कुमार राम ने इस पुल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह पुल रघुवर सरकार के कार्यकाल में बना था, लेकिन निर्माण में भारी अनियमितताएं हुई हैं। “ठेकेदार और इंजीनियर की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण पुल दस साल भी नहीं टिक पाया,” उन्होंने कहा। रंजीत राम ने उच्च अधिकारियों से इस मामले की जांच कर तत्काल मरम्मत की मांग की है।
बरसात से पहले मरम्मत नहीं हुई तो होगी बड़ी परेशानी
प्रखंड सचिव रोजन अंसारी ने भी निर्माण कार्य में लापरवाही को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की लापरवाही की वजह से निर्माण गुणवत्ता में भारी कमी रही है, जिससे सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। उन्होंने कहा कि आगामी मानसून में यह पुल और अधिक खतरनाक हो सकता है और ग्रामीणों के लिए जीवन-रक्षक मार्ग पूरी तरह बाधित हो सकता है।
मुखिया प्रतिनिधि ने की जांच की मांग
करोड़़ीह पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दसरथ दास ने भी सरकार और विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया है कि इस पुल की तकनीकी जांच कराकर तुरंत आवश्यक मरम्मत करवाई जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
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ग्रामीणों की निगाहें अब प्रशासन पर टिकीं
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या विभागीय पदाधिकारी इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई करेंगे या फिर ग्रामीणों को इसी तरह खतरनाक रास्तों से आवागमन करना पड़ेगा। स्थानीय जनता में प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर भी रोष है।





















