बिहारी अपमान यात्रा है..
प्रधानमंत्री की मां को गाली से हर मां का अपमान हुआ है..
राहुल तेजस्वी अराजक राजनीति के प्रतीक बन गए है..
छपरा: छपरा परिसदन में पूर्व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा किप्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश और बिहार को 2047 तक विकसित बनाने के लिए संकल्पित हैं। आगामी बिहार विधान सभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी। वोट अधिकार यात्रा में दरभंगा में प्रधानमंत्री की दिवंगत मां को गाली दी गई। यह देश के हर मां का अपमान है। बिहार शर्मसार हुआ है। इंडिया गठबंधन ने राजनीतिक नीचता की सारी हदें पर दी हैं। अभी तक राहुल तेजस्वी ने माफी तो दूर खेद तक नहीं जताया है।सीता मईया की धरती पर सनातन को गाली देने वालों को बुलाकर बिहार का अपमान कर रहे हैं राहुल और तेजस्वी।मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे ने कहा था कि सनातन को डेंगू ओर कोरोना बताया था। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बिहारियों का अपमान किया था।
राहुल और तेजस्वी ऐसे लोगों को बिहार में घुमाकर बिहारी अस्मिता को गाली दे रहे हैं। ये वोट अधिकार अधिकार यात्रा नहीं है बल्कि सनातन अपमान यात्रा, बिहारी अपमान यात्रा है।
बिहार में वोट अधिकार यात्रा के आड़ में परिवार और घुसपैठियों को अधिकार दिलाने के लिए यात्रा चल रही है। राहुल तेजस्वी अराजक राजनीति के प्रतीक बन गए हैं। दोनों नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक पद पर बैठकर संवैधानिक संस्थाओं और भारतीय लोकतंत्र पर लगातार प्रहार कर रहे हैं।तेजस्वी ने मुख्यमंत्री को चिट कुमार कहा है। नेता प्रतिपक्ष खुलेआम मुख्यमंत्री का अपमान कर रहे है। ऐसी भाषाई विषवमन का राजनीति में कोई स्थान नहीं है। अगर तेजस्वी को कोई पिछलग्गू यादव कहे तो कैसा लगेगा। लालू यादव ने कभी कांग्रेस के चरणों में अपनी पगड़ी नहीं रखी। परन्तु उनका बेटा तो राहुल गांधी का ड्राइवर बना घूम रहा है। लालू यादव के पिच पर राहुल बैटिंग कर रहे हैं और तेजस्वी ताली बजा रहे हैं।
लोकसभा का चुनाव 2029 में है अभी से ही तेजस्वी यादव राहुल गांधी को पीएम उम्मीदवार घोषित कर रहे हैं। जब राहुल गांधी से 2025 के विधानसभा के लिए मुख्यमंत्री उम्मीदवार के बारे में पूछा जाता है तो उनके मुंह में दही जम जाता है। तेजस्वी ने कहा कि खैनी चुना के तरह रगड़ देंगे। किसको रगड़ देंगे। क्या उन गरीबों को रगड़ेंगे जिनको प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान भारत कार्ड, मुफ्त राशन, 125 यूनिट बिजली फ्री, 400 के जगह 1100 का पेंशन मिल रहा है। ऐसी भाषा से बिहारवासियों को पुनः जंगलराज की आहट सुनाई पड़ती है। SIR के अंतिम 2 दिनों में कांग्रेस ने चुनाव आयोग को 89 लाख वोटर्स के नाम काटने का आवेदन दिया। पहले 65 लाख वोटर्स का नाम काटने पर घुसपैठिया बचाओ यात्रा निकाला। अब यात्रा के समाप्ति पर चुनाव आयोग को 89 लाख वोटर्स का नाम काटने का आवेदन दे दिया। जिस पार्टी का मात्र 17 हजार बूथों पर बूथ लेवल एजेंट है। उस पार्टी ने 90 हजार बूथों का सर्वे करा लिया। गजब है। चुनाव आयोग से अपील है कि कांग्रेस द्वारा दिए गए 89 लाख लोगों के नाम काटने की सूची को सार्वजनिक करें। ताकि इनका पोल खुल सकें। कांग्रेस ने प्रत्येक विधान सभा में औसतन 36 हजार गरीबों का नाम काटने का आवेदन दिया है।वस्तुतः राहुल और तेजस्वी बिहार में अपने संभावित हार को देखते हुए चुनाव से पहले चुनाव आयोग को बलि का बकरा बनाना चाहते हैं। यही बिहार कभी बूथ कैप्चरिंग और रक्त रंजित चुनाव के लिए बदनाम था। आज तो पंचायत से लेकर विधान सभा और लोकसभा का चुनाव ईवीएम से हो रहा है। सोशल मीडिया के जमाने में कहीं कोई गड़बड़ी छिपती क्या?
लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है। कोई हारता है तो कोई जीतता है। ये कैसी राजनीति कर रहे हैं राहुल गांधी अगर जीत गए तो बब्बर शेर और हार गए तो ईवीएम हैक और वोट चोरी।जिसको अपने देश के मतदाता पर भरोसा ना हो, संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा ना हो जिसे देश के गौरवशाली लोकतंत्र पर भरोसा ना हो, ऐसे व्यक्ति को आप क्या कहेंगें। क्या विदेशी ताकतों के गोद में बैठी है पप्पू मंडली?






















