राँची : चाईबासा के कोल्हान और सारंडा के घने जंगलों में सालों तक आतंक का शासन रहा। बच्चों की हंसी दब गई, महिलाएं डर के साए में जी रही थीं और गांव के बुज़ुर्गों की चिंता यही थी कि कौन सा दिन नया संकट लेकर आएगा। लेकिन 25 सितंबर, 2025 को यहां एक नई सुबह हुई। 10 नक्सलियों ने हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का साहसिक कदम उठाया। यह केवल पुलिस अभियान की सफलता नहीं थी, बल्कि उन युवा जीवनों की जीत थी, जिन्होंने हिंसा और डर के बीच भी बदलाव की उम्मीद नहीं छोड़ी।
झारखंड पुलिस और अर्धसैनिक बलों की लगातार मेहनत ने दिखा दिया कि सही नेतृत्व और नीति बदलाव ला सकते हैं। डीजीपी अनुराग गुप्ता की दूरदर्शिता और CRPF आईडी साकेत सिंह और आईजी अभियान माइकल राज की रणनीति के तहत भाकपा (माओवादी) संगठन के 10 नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आए। इनमें 6 पुरुष और चार महिला नक्सली शामिल हैं।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों की लिस्ट
क्रम संख्या नाम / उर्फ पिता का नाम पता पद / रैंक दर्ज मामले (संक्षेप में)
1 रांदो बोइपाई उर्फ काति बोइपाई बेहरा बोइपाई कुइडा टोला श्रीजांगकोचा, थाना गोइलकेरा, पश्चिमी सिंहभूम एरिया कमेटी सदस्य टोन्टो थाना कांड 63/2022 – धारा 147, 148, 149, 307, 332, 353 भादवि, 3/4 विस्फोटक अधिनियम, 17 सीएलए एक्ट
2 गार्दी कोड़ा (20 वर्ष) हाबिल कोड़ा रेंगडाहातु, गांधी टोला, थाना टोन्टो, पश्चिमी सिंहभूम दस्ता सदस्य कांड 30/2023, 44/2023, 01/2022, 57/2022, 13/2021 – कई संगीन धाराएँ, आर्म्स एक्ट, यूएपीए, विस्फोटक अधिनियम, सीएलए एक्ट
3 जॉन उर्फ जोडन पुरती (20 वर्ष) बिंदराय पूरती रेंगडाहातु, गितिलगुटू टोला, थाना टोन्टो, पश्चिमी सिंहभूम दस्ता सदस्य कांड 30/2023, 45/2023, 57/2022, 13/2021 – हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, यूएपीए, विस्फोटक अधिनियम
4 निरसो सीदू उर्फ आशा/निराशा (20 वर्ष) सौ सीदू गाँव बाडदा, थाना छोटानागरा, पश्चिमी सिंहभूम दस्ता सदस्य छोटानागरा और जराईकेला थानों के कई मामले (2025) – विस्फोटक अधिनियम, आर्म्स एक्ट, यूएपीए, सीएलए एक्ट
5 घोनोर देवगम (18 वर्ष) गार्दी देवगम सारजोमबुरू, थाना टोन्टो, पश्चिमी सिंहभूम दस्ता सदस्य टोन्टो थाना कांड 42/2023 – हत्या, हत्या का प्रयास, देशद्रोह, यूएपीए, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक अधिनियम
6 गोमेया कोड़ा उर्फ टारजन (20 वर्ष) राउतु कोड़ा बेडादुइया, मुरगीगेना, थाना गोइलकेरा, पश्चिमी सिंहभूम दस्ता सदस्य टोन्टो थाना कांड 63/2022 – हिंसा, हत्या का प्रयास, विस्फोटक अधिनियम, सीएलए एक्ट
7 कैरा कोड़ा (20 वर्ष) स्व. रासिका कोड़ा रेंगडाडातु, महाबुरू टोला, थाना टोन्टो, पश्चिमी सिंहभूम दस्ता सदस्य टोन्टो थाना कांड 30/2023 – हत्या का प्रयास, विस्फोटक अधिनियम, यूएपीए, सीएलए एक्ट
8 कैरी कायम उर्फ गुलांची (22 वर्ष) गालू कायम आंजेदबेरा, थाना मुफ्फसिल, पश्चिमी सिंहभूम दस्ता सदस्य टोन्टो थाना कांड 63/2022 – हिंसा, हत्या का प्रयास, विस्फोटक अधिनियम, सीएलए एक्ट
9 सावित्री गोप उर्फ मुतुरी/फुटबॉल (18 वर्ष) बीनू गोप इचाहातू, गुटूसाई, थाना गोइलकेरा, पश्चिमी सिंहभूम दस्ता सदस्य गुवा थाना कांड 11/2025 – विस्फोटक अधिनियम, बीएनएस, सीएलए एक्ट
10 प्रदीप सिंह मुंडा सुखदेव मुंडा हारबागाला, थाना तमाड़, जिला रांची दस्ता सदस्य छोटानागरा थाना कांड 12/2025 – विस्फोटक अधिनियम, बीएनएस, सीएलए एक्ट
तीन साल की कड़ी जंग, संघर्ष और शानदार सफलता
2022 से चाईबासा और कोल्हान क्षेत्र में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने लगातार अभियान चलाए। 9631 ऑपरेशन, 175 गिरफ्तारियां, 10 मुठभेड़ में ढेर और भारी मात्रा में हथियार व विस्फोटक बरामद किए गए। इन आंकड़ों के पीछे परिवारों की आंसू भरी दास्तान, बच्चों की अधूरी हंसी और मांओं की बेचैनी भी छिपी थी।
नीति और उम्मीद की किरण
झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने का भरोसा दिया। पिछले तीन वर्षों में 26 नक्सली पहले ही समाज में लौट चुके थे। अब 10 नए साथी इस सूची में शामिल हुए हैं। डीजीपी अनुराग गुप्ता और उनके टीम ने यह स्पष्ट किया कि इंसानियत और संवाद हिंसा से ज्यादा प्रभावी हैं।
अब सुनाई देती है उम्मीद
नए सुरक्षा कैंपों और सतत निगरानी के चलते ग्रामीणों का विश्वास लौट रहा है। महिलाएं और बच्चे अब बिना डर के अपने घरों में रह सकते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि… अब जंगलों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद सुनाई देती है।
माओवादी नेटवर्क का डगमगाता खूंटा
मिसिर बेसरा और पतिराम मांझी जैसे नेता अब भी सक्रिय हैं, लेकिन उनका नेटवर्क का खूंटा डगमगा चुका है। सरेंडर करने वाले युवा अब नई शुरुआत की ओर बढ़ रहे हैं। उनके लौटते कदम बाकी नक्सलियों के लिए साफ संदेश है कि हिंसा कोई समाधान नहीं है।डीजीपी अनुराग गुप्ता, CRPF आईडी साकेत सिंह और आईजी अभियान माइकल राज के मार्गदर्शन में आज चाईबासा के जंगलों में शांति और उम्मीद की गूंज सुनाई देने लगी है। यह पुलिस और सरकार की शानदार सफलता है।






















