धनबाद: धनतेरस, दीपावली से पहले आने वाला वह शुभ दिन जब बाजारों में चहल-पहल और घरों में रौनक छा जाती है। मान्यता है कि इस दिन की गई खरीदारी से धनतेरस पर घर में लक्ष्मी और कुबेर का वास होता है। परंपरा कहती है सही वस्तु की खरीदी से धन और सौभाग्य की राह खुलती है, जबकि कुछ वस्तुएं अशुभ प्रभाव भी ला सकती हैं। धनतेरस पर खरीदारी सिर्फ चीजें जुटाने का दिन नहीं, बल्कि शुभता, विश्वास और समृद्धि को घर लाने का अवसर है। जरूरी नहीं कि महंगी वस्तुएं ही खरीदी जायें, सच्ची भावना और आस्था के साथ की गई छोटी सी खरीदारी भी लक्ष्मी के आगमन का निमंत्रण बन सकती है। आइये जानें इस धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ है और किन चीजों से बचना चाहिये….
धनतेरस पर क्या खरीदें (शुभ)
धनतेरस पर धातु खरीदना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। सोने–चांदी के सिक्के, बर्तन या गहने शुभ होते हैं। बजट कम हो तो स्टील या पीतल के बर्तन भी खरीदे जा सकते हैं। दीपावली पूजा के लिये लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्तियां खरीदना घर में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता लाता है। झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसे खरीदने से दरिद्रता दूर होती है और समृद्धि आती है। धनतेरस को नई चीजें शुरू करने के लिये शुभ दिन माना जाता है, इसलिये मोबाइल, टीवी, लैपटॉप या वाहन खरीदना भी शुभ फल देता है। धनतेरस को आयुर्वेद दिवस भी कहा जाता है। इस दिन हर्बल चीजें या औषधीय पौधे खरीदना स्वास्थ्य और दीर्घायु का प्रतीक है। कुबेर यंत्र और लक्ष्मी यंत्र की खरीद घर में धनवृद्धि और सुख-शांति का संकेत मानी जाती है।
धनतेरस पर क्या न खरीदें (अशुभ)
कांच और प्लास्टिक को नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। इनसे परहेज करना शुभ माना गया है। काला रंग अशुभ और नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन काले कपड़े या वस्तुयें न खरीदें। लोहे को राहु और शनि से जोड़ा जाता है। कैंची, छुरी जैसी चीजें खरीदना कलह और संघर्ष का संकेत माना जाता है। जहां झाड़ू खरीदना शुभ है, वहीं इस दिन झाड़ू या तेल बेचना अशुभ माना गया है।






















