धनबाद:धनबाद के बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड में 8 साल बाद आखिरकार कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में इस मामले के सभी 11 आरोपियों को बरी कर दिया है, जिनमें झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह भी शामिल हैं।
Highlights:
केस की मुख्य बातें:
- घटना की तारीख: 21 मार्च 2017
नीरज सिंह समेत चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। - पीड़ित:
- नीरज सिंह (पूर्व डिप्टी मेयर, धनबाद)
- चंद्रप्रकाश महतो
- अशोक यादव
- मुन्ना तिवारी
- आरोपी:
- संजीव सिंह (पूर्व विधायक)
- जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह
- डब्लू मिश्रा
- विनोद सिंह
- सागर सिंह उर्फ शिबू
- चंदन सिंह
- कुर्बान अली
- पंकज सिंह
- रणधीर धनंजय उर्फ धनजी
- अन्य
- अदालत का फैसला:
विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट (जिला व सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी) ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। - कारण:
- सबूतों की कमी
- अभियोजन पक्ष आरोपों को कोर्ट में साबित नहीं कर सका
अदालती प्रक्रिया:
- 408 सुनवाई की तारीखें तय की गईं
- 13 अगस्त 2025 को अंतिम बहस हुई थी
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी भी हुई
- आज (27 अगस्त 2025) कोर्ट ने शाम 4 बजे फैसला सुनाया
सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
- कोर्ट परिसर से लेकर सिंह मेंशन, रघुकुल, और झरिया तक पुलिस तैनात
- कोर्ट परिसर में सिर्फ वकील और आरोपी ही जा सके
- पुलिस की गश्त और तलाशी बढ़ाई गई
नीरज सिंह हत्याकांड का महत्व:
यह सिर्फ एक राजनीतिक हत्या नहीं थी, बल्कि धनबाद की राजनीति और कोयला बेल्ट में वर्चस्व की लड़ाई का भी प्रतीक बन गई थी। संजीव सिंह और नीरज सिंह के परिवारों के बीच पहले से ही राजनीतिक तनाव था।






















