BCKU Mugma Area Dispute: झारखंड कोलियरी श्रमिक यूनियन के केंद्रीय सचिव उमेश गोस्वामी ने BCKU मुगमा एरिया सचिव रामजी यादव समेत अन्य लोगों पर गुंडागर्दी, मारपीट, रंगदारी मांगने और झूठे एससी/एसटी मामले में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
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उमेश गोस्वामी के अनुसार, घटना 28 अक्टूबर की है। वह मजदूरों की समस्याओं को लेकर ईसीएल मुगमा एरिया के अभिकर्ता संदीप कुमार से मुलाकात करने पहुंचे थे। मुलाकात के बाद जब वह वापस लौट रहे थे, तभी कथित तौर पर BCKU मुगमा एरिया सचिव रामजी यादव सहित संगठन के कई पदाधिकारियों और संवेदक सुनील सिंह ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनसे रंगदारी की भी मांग की गयी।
मजदूरों की समस्या लेकर अभिकर्ता से मिलने पहुंचे थे उमेश गोस्वामी
मिली जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर को झारखंड कोलियरी श्रमिक यूनियन के केंद्रीय सचिव उमेश गोस्वामी ईसीएल मुगमा एरिया के अभिकर्ता संदीप कुमार से मिलने पहुंचे थे। बताया गया कि मुलाकात का उद्देश्य मजदूरों से जुड़ी कुछ समस्याओं को प्रबंधन के समक्ष रखना था। उमेश गोस्वामी का आरोप है कि अभिकर्ता से मुलाकात के बाद लौटने के दौरान BCKU मुगमा एरिया सचिव रामजी यादव समेत कई लोग वहां पहुंचे और उनके साथ विवाद करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गयी और रंगदारी की मांग की गयी।
झूठे एससी/एसटी मामले में फंसाने का भी लगाया आरोप
केंद्रीय सचिव उमेश गोस्वामी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि घटना के संबंध में लिखित शिकायत करने के बाद उन्हें झूठे एससी/एसटी मामले में फंसाया गया है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
श्रमिक संगठनों के बीच विवाद से कोयलांचल में चर्चा तेज
इस मामले के सामने आने के बाद मुगमा एरिया समेत कोयलांचल क्षेत्र में श्रमिक संगठनों के बीच विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हो गयी हैं। मजदूरों के हितों और यूनियन की गतिविधियों से जुड़े इस विवाद ने क्षेत्र में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। हालांकि, फिलहाल सामने आये आरोप उमेश गोस्वामी की शिकायत पर आधारित हैं। मामले में दूसरे पक्ष का बयान और पुलिस की जांच से संबंधित आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।






















