मुंबई:भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार और अब भाजपा नेता पवन सिंह को केंद्र सरकार द्वारा ‘वाई प्लस’ कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई है। गृह मंत्रालय ने यह फैसला इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की रिपोर्ट के आधार पर लिया है, जिसमें पवन सिंह की जान को खतरे की आशंका जताई गई थी।
Highlights:
इस फैसले के साथ पवन सिंह अब देश के उन चुनिंदा लोगों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें यह उच्चस्तरीय सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है।
क्या होती है वाई प्लस सुरक्षा?
‘वाई प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा में आमतौर पर:
- 11 से 12 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं
- जिनमें सशस्त्र केंद्रीय कमांडो, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (PSO) और अन्य जवान शामिल होते हैं
- यह सुरक्षा 24 घंटे और देशभर में प्रभावी रहती है
- किसी भी यात्रा, कार्यक्रम, या निजी गतिविधियों के दौरान यह सुरक्षा घेरे के रूप में काम करती है
क्यों मिला सुरक्षा कवच?
सूत्रों के अनुसार, IB की “थर्ड परसेप्शन रिपोर्ट” में पवन सिंह की निजी और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर कई जोखिम चिन्हित किए गए। इस रिपोर्ट के बाद ही गृह मंत्रालय ने ‘वाई प्लस’ सुरक्षा को मंजूरी दी।
राजनीतिक सक्रियता बनी वजह?
गौरतलब है कि पवन सिंह हाल के दिनों में लगातार राजनीतिक सुर्खियों में हैं। उन्होंने 5 अक्टूबर को एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। इससे पहले वे गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर चुके हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा उन्हें आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आरा या काराकाट सीट से मैदान में उतार सकती है।
निजी विवादों से भी रहे हैं चर्चा में
राजनीति के अलावा पवन सिंह का निजी जीवन भी कई बार चर्चा में रहा है, जिससे उन्हें साइबर ट्रोलिंग, धमकियों और विरोध का सामना करना पड़ा है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उनकी सुरक्षा को मजबूत किया गया है।






















