मुंबई, 13 अगस्त 2025 – स्वतंत्रता दिवस के दिन जन्मी और अपनी मेहनत से फिल्म इंडस्ट्री में एक खास पहचान बनाने वाली अभिनेत्री संगीता तिवारी आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। इस खास मौके पर उन्होंने एक विशेष बातचीत में अपने जीवन, करियर और भविष्य की योजनाओं के बारे में खुलकर बात की।
Highlights:
फिल्मी सफर की शुरुआत और चुनौतियां
संगीता तिवारी ने बताया कि उनका जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। भोजपुरी फिल्म “जइबे सजना के देश” से अपने करियर की शुरुआत की और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।

हिट फिल्में और पसंदीदा कलाकार
उन्होंने रवि किशन के साथ “बलम परदेसी”, “रामपुर का लक्ष्मण”, “धुरंधर” और “ओम जय जगदीश” जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया। इसके अलावा कृष्णा अभिषेक, गोविंदा, मनोज तिवारी, पवन सिंह और यश कुमार जैसे बड़े नामों के साथ भी उनके सफल प्रोजेक्ट्स रहे हैं।
टीवी और नृत्य में भी सफलता
भोजपुरी टीवी चैनल महुआ के डांस शो “नाच नचैया धुम मचैया” में संगीता तिवारी ने अपने कथक और डांस स्किल से दर्शकों का दिल जीत लिया। वह एक प्रशिक्षित कथक नृत्यांगना हैं और उनका मानना है कि नृत्य ने उनके अभिनय को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

संगीत और गानों में भी दिखाया जलवा
उनके लोकप्रिय गानों “बॉलीवुड” और “केसरिया” को खूब सराहा गया है। संगीत में काम करने का अनुभव उन्हें बेहद रोमांचक और संतोषजनक लगा।
कई भाषाओं में काम का अनुभव
भोजपुरी के अलावा उन्होंने हिंदी, राजस्थानी, गुजराती, तेलुगु और मराठी फिल्मों में भी काम किया है। लेकिन भोजपुरी को उन्होंने अपनी मातृभाषा बताते हुए कहा कि इसमें काम करने में उन्हें सबसे अधिक आनंद आता है।
पुरस्कार और सम्मान
उनके खाते में कई बड़े सम्मान हैं, जिनमें दादासाहेब फाल्के अवार्ड, भारत आइकॉन अवार्ड, स्टार भारत अवार्ड आदि शामिल हैं।
भविष्य की योजनाएं
आने वाले समय में संगीता एक हिंदी वेब सीरीज, म्यूजिक एल्बम, और रामायण पर आधारित एक बड़े प्रोडक्शन में नजर आएंगी। वे कहती हैं कि इन प्रोजेक्ट्स के जरिए वे दर्शकों को कुछ नया और अर्थपूर्ण देने की कोशिश करेंगी।
भोजपुरी सिनेमा पर राय
भोजपुरी सिनेमा की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “भोजपुरी फिल्म उद्योग में अच्छी कहानियों और अच्छे कंटेंट की कमी है। लेकिन मैं हमेशा अच्छी कहानी और अभिनय पर ध्यान देती हूं।”
सफलता का राज – संघर्ष और माँ का प्यार
अपने संघर्ष को अपनी सफलता की कुंजी मानने वाली संगीता तिवारी कहती हैं, “मेरी मेहनत और संघर्ष ने ही मुझे यहां तक पहुँचाया है। और मेरी माँ हमेशा मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं।”






















