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नई दिल्ली(NEW DELHI):कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनावी गड़बड़ियों पर दिए गए ‘परमाणु बम’ जैसे बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पास निर्वाचन आयोग की कथित भूमिका के खिलाफ ऐसे ‘निर्णायक’ सबूत हैं, जो सामने आने पर ‘बम की तरह फटेंगे’ और आयोग के पास ‘छिपने की कोई जगह नहीं बचेगी’।
इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी को ‘बम की तरह फटने’ के बजाय ‘ठंडे पानी की तरह बहने’ की जरूरत है।
“क्या राहुल गांधी बम की तरह फटेंगे? उनका काम ही फटना है। यह भाषा अलोकतांत्रिक और धमकी भरी है,” पात्रा ने कहा।
पात्रा ने राहुल गांधी की भाषा की तुलना ‘हिंदी फिल्मों के खलनायक’ से करते हुए कहा कि एक हाथ जेब में डालकर धमकाने का अंदाज़ लोकतंत्र के नेता को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में यदि किसी के पास ठोस सबूत हैं, तो सुप्रीम कोर्ट या लोकतांत्रिक मंचों का सहारा लेना चाहिए, न कि धमाकेदार शब्दों का।
क्या है असल मुद्दा?
राहुल गांधी ने संकेत दिया है कि उनके पास चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी से जुड़े ‘निर्णायक प्रमाण’ हैं। लेकिन इन तथ्यों को सार्वजनिक करने से पहले दिए गए ऐसे बयानों ने विषय को मुद्दे से हटाकर शब्दों की गर्मी पर ला खड़ा किया है।






















