धनबाद: जिले की शराब दुकानों में कार्यरत पूर्व सुरक्षा गार्डों ने पांच महीने से लंबित वेतन को लेकर उपायुक्त आदित्य रंजन से जनता दरबार में न्याय की गुहार लगाई। शिकायत के बाद श्रम विभाग हरकत में आया और आउटसोर्सिंग एजेंसी फ्रंटलाइन एनसीआर बिजनेस सॉल्यूशन को नोटिस जारी किया गया।
Highlights:
सहायक श्रम आयुक्त प्रवीण कुमार ने बताया कि फ्रंटलाइन कंपनी के माध्यम से 135 सुरक्षाकर्मी जिले की विभिन्न शराब दुकानों में तैनात थे। 1 सितंबर 2025 से शराब दुकानों का संचालन निजी हाथों में चले जाने के बाद इन सुरक्षाकर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया गया, लेकिन पिछले पांच महीनों का लगभग ₹85 लाख का वेतन अब तक नहीं दिया गया है।
कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा में वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो मजदूरी भुगतान अधिनियम के तहत श्रम न्यायालय में जुर्माना और मुआवजे के साथ कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
सहायक श्रम आयुक्त ने यह भी बताया कि फ्रंटलाइन कंपनी वर्तमान में मेडिकल कॉलेज अस्पताल और सदर अस्पताल सहित अन्य सरकारी संस्थानों में भी मैनपावर सप्लाई कर रही है। ऐसे में विभाग की नजर अब कंपनी की बाकी व्यवस्थाओं पर भी है।






















