काठमांडू: नेपाल सरकार ने भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के मद्देनज़र काठमांडू घाटी में आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर तीन दिनों (शनिवार से सोमवार) के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) द्वारा जारी आपात निर्देशों के तहत लिया गया है।
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त्योहार के मौसम में बढ़ी चिंता
यह प्रतिबंध उस समय लागू किया गया है जब देश में हिंदू समुदाय दशहरा मना रहा है, और बड़ी संख्या में लोग अपने गृहनगरों से काठमांडू लौटने की तैयारी में थे। हर साल त्योहारों के दौरान हजारों लोग काठमांडू घाटी से देश के विभिन्न हिस्सों में जाते हैं।
देश के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित
NDRRMA के अनुसार, कोशी, मधेश, बागमती, गंडकी और लुम्बिनी—इन पांच प्रांतों में लंबी दूरी की यात्रा पर भी रोक लगा दी गई है, जहां बाढ़ और भूस्खलन के जोखिम अधिक हैं।
प्रमुख राजमार्ग अवरुद्ध
नेपाल पुलिस और ट्रैफिक डिवीजन के मुताबिक, काठमांडू को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली प्रमुख सड़कें, जैसे कि:
- पृथ्वी हाईवे
- कोशी हाईवे
- अरानिको हाईवे
- पासंग ल्हामू हाईवे
- बी.पी. हाईवे
—इन सभी मार्गों पर भूस्खलन के चलते यातायात अवरुद्ध हो गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी देशभर में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। खासकर पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में बारिश का खतरा ज्यादा बताया गया है।
स्थानीय प्रशासन को निर्देश
प्राधिकरण ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखें और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करें, ताकि जान-माल की हानि को टाला जा सके।






















