Dhanbad News: टुंडी विधायक मथुरा महतो और झामुमो नेता रतिलाल टुडू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप की अपील की; राजस्व हानि और प्रशासन की साख पर सवाल
Dhanbad News: धनबाद जिले का गोविंदपुर अंचल एक बार फिर भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं की साज़िशों के गढ़ के रूप में सामने आया है। यहां एक बेहद चौंकाने वाला जमीन घोटाले का मामला उजागर हुआ है, जिसमें 38 फर्जी जमीन रजिस्ट्रियां और दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के माध्यम से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुँचाया गया है। यह प्रकरण न केवल सरकारी तंत्र की लापरवाही और भ्रष्टाचार को दर्शाता है, बल्कि भू-माफियाओं और अधिकारियों की मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है।
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फर्जी रजिस्ट्री और म्यूटेशन का मामला
यह गंभीर मामला मौजा भेलाटांड़ (गोविंदपुर) के खाता संख्या 271 और प्लॉट संख्या 220 से जुड़ा है। प्राप्त दस्तावेजों और शिकायत के अनुसार, राजीव रंजन उर्फ रवि यादव, उनके पिता जेठो यादव, और पंकज कुमार (पिता स्वर्गीय नंदलाल प्रसाद), निवासी चंद्रकोट्याड, धैया, ने मिलकर 38 अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से फर्जी दाखिल-खारिज करवा दिए। इस पूरी प्रक्रिया में रजिस्ट्री ऑफिस और अंचल कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से जमीन का हस्तांतरण कर सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन किया गया है।
टुंडी विधायक ने की थी उच्चस्तरीय जांच की मांग, नहीं हुई कार्रवाई
झारखंड के पूर्व मंत्री और टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने इस मामले में 22 जनवरी 2025 को ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया था कि यह कार्रवाई पूरी तरह से संगठित भू-माफियाओं के गिरोह और राजस्व विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से की गई है। महतो ने चेतावनी भी दी थी कि यदि इस पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह घोटाला पूरे राज्य में जमीन की लूट की मिसाल बन जाएगा। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
झामुमो नेता रतिलाल टुडू का अधिकारियों पर तीखा हमला
वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता रतिलाल टुडू ने सोशल मीडिया के माध्यम से गोविंदपुर अंचल के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा, “गोविंदपुर अंचल में कार्य निष्पक्ष रूप से नहीं हो रहा है। अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी केवल नोटों की गिनती में लगे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि ये अधिकारी भू-माफियाओं के दबाव में काम कर रहे हैं।
रतिलाल टुडू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अनुरोध किया है कि गोविंदपुर अंचल के दोषी अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और निष्पक्ष जांच का आदेश दिया जाए। उन्होंने एक स्थानीय समाचार पत्र में छपी खबर का हवाला देते हुए कहा कि यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि प्रशासन और भू-माफियाओं की मिलीभगत से आम जनता को न्याय से वंचित किया जा रहा है।
राजस्व हानि और प्रशासन की साख पर संकट
इस पूरे मामले ने प्रशासनिक मशीनरी और जमीन से जुड़े विभागों की साख पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। राज्य सरकार को राजस्व की भारी क्षति हुई है, और आम जनता का सरकारी व्यवस्था से विश्वास डगमगाता नजर आ रहा है। फर्जी रजिस्ट्री, नकली दाखिल-खारिज और भू-माफियाओं के बढ़ते प्रभाव ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।
दोनों झामुमो नेताओं ने सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि वे इस गंभीर मामले का संज्ञान लें और दोषी अधिकारियों एवं भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साथ ही, गोविंदपुर अंचल सहित पूरे धनबाद जिले में चल रहे भूमि संबंधी मामलों की पुनः जांच करवाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। अब पूरा राज्य यह देख रहा है कि सरकार इस मामले पर क्या कदम उठाती है – क्या दोषियों को सजा मिलेगी या फिर यह भी एक और मामला फाइलों में दबा दिया जाएगा?





















