डॉक्टर की लापरवाही से बुजुर्ग की मौत, जमुआ में हंगामा
जमुआ प्रखंड के कारोडीह गांव में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत डॉक्टर की लापरवाही के कारण हो जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना बीती रात की है, जब एक जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और गोतिया भाई के बीच मारपीट में 65 वर्षीय कार्तिक दास गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने आनन-फानन में उन्हें जमुआ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन समय पर डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण उनकी मौत अस्पताल में ही हो गई।
Highlights:
गिरिडीह के जमुआ में डॉक्टर की लापरवाही से घायल बुजुर्ग की मौत। स्थानीय नेता नाराज, स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली पर उठे सवाल।
जमीनी विवाद में घायल हुए थे कार्तिक दास
ग्राम कारोडीह में पारिवारिक जमीनी विवाद के कारण हुई झड़प में कार्तिक दास, पिता तेजो रविदास, पर कुदाल से हमला किया गया। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत जमुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। लेकिन अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही और प्राथमिक उपचार न मिलने के कारण उनकी हालत बिगड़ती गई और अंततः मौत हो गई।
स्थानीय नेताओं का फूटा गुस्सा, माले नेता ने दी चेतावनी
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे भाकपा माले के नेता अशोक पासवान ने डॉक्टर की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा-“अगर अस्पताल में डॉक्टर समय पर उपस्थित होते, तो शायद कार्तिक दास की जान बचाई जा सकती थी। यहाँ डॉक्टरों की लापरवाही लगातार बढ़ रही है।”उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमुआ स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की भारी कमी है और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। माले नेता ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही इस स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो पार्टी कार्यकर्ता आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल, प्रशासन से न्याय की मांग
कार्तिक दास की मौत के बाद उनके परिजन सदमे में हैं। परिवारवालों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग की है और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही स्थानीय लोग भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली बनी लोगों के लिए खतरा
यह घटना जमुआ क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को उजागर करती है। समय पर डॉक्टरों की अनुपलब्धता और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की कमी आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण क्षेत्र की व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करता है।






















