विकास, योजनाओं, राशन और किसानों के मुद्दों पर उठाए सवाल
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रांची: झारखंड विधानसभा का सत्र समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं और सरकार जिन योजनाओं तथा बजट का दावा कर रही है, उसका जमीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि जिन कार्यों के टेंडर 8 करोड़ रुपये के होते हैं, ठेकेदारों को सिर्फ 2 करोड़ रुपये ही मिल पाते हैं, जिसके कारण निर्माण कार्य रुक रहे हैं।
गैस सब्सिडी और राशन व्यवस्था पर भी सवाल
मरांडी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 400 रुपये गैस सब्सिडी देने की घोषणा की थी, लेकिन इसका लाभ अब तक जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने 7 किलो राशन बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि राशन डीलरों का भुगतान तक अटक गया है।
किसान और धान खरीद—मरांडी का आरोप
विपक्ष के अनुसार सरकार ने शुरू में धान का समर्थन मूल्य 3200 रुपये प्रति क्विंटल बताकर घोषणा की, लेकिन सदन में जब विपक्ष ने सवाल उठाया तो कैबिनेट बैठक के बाद सरकार अब 2450 रुपये प्रति क्विंटल देने की बात कर रही है।
छात्रवृत्ति और रोजगार पर भी चिंता व्यक्त
मरांडी ने कहा कि: छात्रों की छात्रवृत्ति रुकी हुई है,युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और राज्य में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी व्यवस्था में “न विकास हो सकता है, न शिक्षा व्यवस्था सुधर सकती है।”






















