धनबाद: झारखंड के अन्य जिलों की तरह धनबाद में भी नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन सुबह-सुबह शराब प्रेमियों को मायूसी का सामना करना पड़ा।
जिले की अधिकांश शराब दुकानें और बार बंद रहे, जिससे ग्राहकों में असमंजस की स्थिति बन गई।
दुकानें बंद रहने का मुख्य कारण लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण नहीं होना बताया जा रहा है।
जैसे ही उत्पाद विभाग में लाइसेंसधारियों की भीड़ जुटी, नवीनीकरण की प्रक्रिया तेज हुई और धीरे-धीरे दुकानें खुलनी शुरू हो गईं।
इस दौरान कई घंटों तक सुरा प्रेमियों में उहापोह की स्थिति बनी रही।
वहीं, नवीनीकरण के लिए पहुंचे लाइसेंसधारी भी इधर-उधर भटकते नजर आए और काफी परेशान दिखे।
इस मामले पर सहायक उत्पाद आयुक्त अजय गोंड ने जानकारी देते हुए बताया कि नए वित्तीय वर्ष में लाइसेंस नवीनीकरण के साथ 10 प्रतिशत का राजस्व लक्ष्य बढ़ाया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में फरवरी तक विभाग ने 113 प्रतिशत राजस्व लक्ष्य हासिल किया है।
फिलहाल, जिन चार ग्रुप की 10 से अधिक दुकानें अभी नवीनीकरण से वंचित हैं, उन्हें भी जल्द शुरू करने की दिशा में पहल की जा रही है।






















