गिरिडीह: गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत लताकी पंचायत में उस समय आक्रोश फैल गया जब दुबे नर्सिंग होम में इलाज कराने पहुंचे हृदय रोग से पीड़ित रिटायर्ड शिक्षक मोहम्मद यूसुफ शेख, उनके दो पुत्रों और अस्पताल कर्मियों के बीच मारपीट की घटना सामने आई। इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए, जिनका इलाज फिलहाल निजी अस्पताल में चल रहा है।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब अस्पताल के संचालक डॉ. राजेश दुबे द्वारा वायरल वीडियो में इलाज कराने आए परिजनों को “आतंकवादी” कहे जाने का आरोप लगाया गया। इस टिप्पणी को लेकर लताकी पंचायत के ग्रामीणों में रोष फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह बयान न केवल अमर्यादित है, बल्कि पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और समुदाय विशेष को आहत करने वाला है।
ग्रामीणों और पीड़ित परिवार की ओर से अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाने की मांग की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। इसको लेकर रविवार को लताकी में एक महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें जिला परिषद सदस्य संजय हाजरा, मुखिया प्रतिनिधि, पंचायत समिति सदस्य शंभू हाजरा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
पत्रकारों से बातचीत में डॉ. राजेश दुबे ने सफाई देते हुए कहा, “मैंने ‘आतंकवादी’ शब्द का इस्तेमाल किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं किया, बल्कि यह कहा था कि कुछ लोग आतंकवादी जैसे तरीके से अस्पताल में घुसे थे। यदि जरूरत पड़ी तो हम सीसीटीवी फुटेज दिखाने के लिए तैयार हैं।”
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, चाहे वे किसी भी पक्ष से हों।






















