बिहार: राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं और प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिससे महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से महिला रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 2 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह राशि दो किस्तों में लाभार्थियों को दी जाएगी।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी की गई है। पहली से चौथी कक्षा तक वार्षिक छात्रवृत्ति 1200 रुपये, पांचवीं से छठी तक 2400 रुपये और सातवीं से दसवीं कक्षा तक 3600 रुपये निर्धारित की गई है।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खान महाविद्यालय के लिए पहले स्वीकृत 14 करोड़ 52 लाख 15 हजार रुपये की राशि को निरस्त करते हुए 87 करोड़ 81 लाख 43 हजार 400 रुपये की नई स्वीकृति दी गई है। साथ ही उच्च शिक्षा विभाग में 161 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।
गृह विभाग की ओर से पटना जिले के नौबतपुर में गोरखा वाहिनी की स्थापना के लिए 30 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु 40 करोड़ 54 लाख 41 हजार 38 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
गिरी (गृह रक्षा) विभाग ने 1700 पदों पर सैफ जवानों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। पहले इस भर्ती में केवल सेना के सेवानिवृत्त जवानों को अवसर मिलता था, लेकिन अब अर्धसैनिक बलों से सेवानिवृत्त जवान भी इसमें शामिल हो सकेंगे।
पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना में पारिवारिक आय सीमा को बढ़ाकर डेढ़ लाख से तीन लाख रुपये कर दिया गया है। साथ ही प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की राशि में भी बढ़ोतरी की गई है—पहली से चौथी कक्षा तक 1200 रुपये, पांचवीं से छठी तक 2400 रुपये और सातवीं से दसवीं तक 3600 रुपये वार्षिक।
स्वास्थ्य विभाग की कई योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए 5 अरब रुपये की राशि आकस्मिक निधि से स्वीकृत की गई है। इसके अलावा बिहार निवास के पुनर्विकास के लिए भी आकस्मिक निधि से 6 करोड़ 1 लाख 48 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से सेवक आचरण नियमावली 1976 में संशोधन करते हुए एक नया खंड जोड़ा गया है।
इन सभी फैसलों को राज्य सरकार की विकास और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।






















