
छपरा: महाराजगंज के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के पुत्र और वर्तमान में मांझी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रणधीर सिंह को चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बड़ी राहत मिली है। छपरा सिविल कोर्ट स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया है। इस मामले में न्यायिक दंडाधिकारी संजय गुप्ता ने आदेश पारित किया।
विधायक रणधीर सिंह के खिलाफ भगवान बाजार थाना और नगर थाना में अलग-अलग मामलों में चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के आरोप दर्ज थे। आरोप था कि वर्ष 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन किया था। इन मामलों की सुनवाई लंबे समय से एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही थी।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को विस्तार से सुना। उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में विफल रहा। इसके बाद विधायक रणधीर सिंह को सभी मामलों में बरी करने का आदेश दिया गया।
सुनवाई के दौरान विधायक रणधीर सिंह स्वयं न्यायालय में उपस्थित रहे। फैसले के बाद उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि सच्चाई की जीत हुई है।
विधायक के अधिवक्ता दीपक सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन को सिद्ध करने वाला कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। कोर्ट के फैसले के बाद विधायक के समर्थकों ने जश्न मनाया।
गौरतलब है कि छपरा के दो थानों में दर्ज इन मामलों को लेकर लंबे समय से सुनवाई चल रही थी, जो अब कोर्ट के फैसले के साथ समाप्त हो गई है।






















