धनबाद: धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी प्रखंड स्थित बामनबाद गांव में वसंत पंचमी के पावन अवसर पर विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा पारंपरिक हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाई जा रही है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरा गांव भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया।
पूजा का मुख्य आयोजन प्रसिद्ध पंडित विवेकानंद भट्टाचार्य के सानिध्य में संपन्न हुआ। शुद्ध वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां शारदे की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर पंडित भट्टाचार्य ने कहा कि मां सरस्वती की आराधना से विद्यार्थियों में एकाग्रता, ज्ञान और सद्बुद्धि का विकास होता है। उनके नेतृत्व में सामूहिक पुष्पांजलि का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भाग लिया।
सुबह से ही गांव के मुख्य पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। पीले वस्त्रों में सजे छोटे-छोटे बच्चों ने मां सरस्वती के चरणों में कलम और पुस्तकों को अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान कई बच्चों का पारंपरिक विद्यारंभ संस्कार भी संपन्न कराया गया, जो इस क्षेत्र की वर्षों पुरानी परंपरा रही है।
पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि बामनबाद की सरस्वती पूजा पूरे पूर्वी टुंडी क्षेत्र में अपनी भव्यता, अनुशासन और धार्मिक गरिमा के लिए विशेष पहचान रखती है। पुजारी विवेकानंद भट्टाचार्य के आध्यात्मिक मार्गदर्शन ने आयोजन को और भी पावन बना दिया। पूजा और आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।






















