केंदुआडीह :धनबाद के केंदुआडीह अग्नि प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचीं झरिया विधायक रागिनी सिंह ने धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क के पिछले 20 दिनों से बंद रहने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस गंभीर समस्या को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
दौरे के दौरान विधायक ने कहा कि मुख्य मार्ग के बंद रहने से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आखिर कब तक सड़क को इस तरह बंद रखा जाएगा। बीसीसीएल को धंसी हुई सड़क की भराई कर जल्द से जल्द मार्ग चालू करने की दिशा में काम शुरू करना चाहिए और वैकल्पिक रास्ता भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सीएमडी के साथ वार्ता, मेयर की रही उपस्थिति
इस मुद्दे को लेकर विधायक रागिनी सिंह ने बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल से वार्ता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में धनबाद के मेयर संजीव सिंह भी उपस्थित रहे।
बैठक में सड़क बंद होने, भू-धसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। सीएमडी ने आश्वासन दिया कि तकनीकी टीमों द्वारा स्थिति का आकलन किया जा रहा है और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही सड़क को चालू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विधायक रागिनी सिंह का बयान
“धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग का इतने दिनों तक बंद रहना बेहद चिंता का विषय है। जनता को राहत देना हमारी प्राथमिकता है। बीसीसीएल को अविलंब कार्य शुरू कर सड़क चालू करनी चाहिए, अन्यथा हम इस मुद्दे को उच्च स्तर तक ले जाएंगे।”
एरिया महाप्रबंधक का बयान
पीबी एरिया के महाप्रबंधक जे सी शाहा ने बताया कि क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लिए जा रहे हैं। जल्द ही समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक स्थगित होने पर सवाल
विधायक ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन, बीसीसीएल प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों की प्रस्तावित बैठक को अचानक स्थगित कर दिया गया, जो समझ से परे है। उन्होंने इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाया।
रागिनी सिंह ने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वह दिल्ली जाकर केंद्रीय कोयला मंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले को प्रमुखता से उठाएंगी, ताकि जल्द समाधान सुनिश्चित हो सके।
केंदुआडीह क्षेत्र की समस्या अब केवल स्थानीय नहीं रह गई है, बल्कि यह प्रशासन, बीसीसीएल और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की परीक्षा बन चुकी है।
मेयर की मौजूदगी: सीएमडी के साथ बैठक में मेयर संजीव सिंह की उपस्थिति यह दर्शाती है कि नगर निगम भी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है।
बहुस्तरीय दबाव: विधायक और मेयर दोनों के सक्रिय होने से बीसीसीएल पर समाधान निकालने का दबाव बढ़ा है।
जनहित बनाम सुरक्षा: जहां प्रबंधन सुरक्षा कारणों का हवाला दे रहा है, वहीं जनप्रतिनिधि जनजीवन को सुचारू करने की मांग कर रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और बीसीसीएल मिलकर कब तक इस समस्या का ठोस और स्थायी समाधान निकाल पाते हैं।






















