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धनबाद: धनबाद जिले के गोविंदपुर अंचल अंतर्गत गोविंदपुर गांव भीतर में इस वर्ष करीब 27 लाख रुपए की लागत से दुर्गा पूजा के अवसर पर त्रिकुटा मंदिर की भव्य प्रतिकृति तैयार की गई है। यह पंडाल और इसके साथ जुड़े संपूर्ण दृश्य को देख श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है।
कमिटी की अनोखी सोच – “जो नहीं जा सके, उनके लिए त्रिकुटा लाए”
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि यह इलाका एक ग्रामीण क्षेत्र है और यहाँ के कई लोग आर्थिक स्थिति के कारण असली त्रिकुटा मंदिर (वैष्णो देवी) के दर्शन नहीं कर पाते। इसी भावना से प्रेरित होकर इस वर्ष की थीम तैयार की गई, ताकि ग्रामीण श्रद्धालुओं को भी वैसा ही आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।
पंडाल की खासियतें:
- त्रिकुटा मंदिर की हूबहू प्रतिकृति
- प्राकृतिक पौधों और तत्वों से सजावट
- पत्थर की नक्काशी को वास्तविक रूप देने का प्रयास
- बंदे भारत ट्रेन की भी प्रतिकृति – जो श्रद्धालुओं को त्रिकुटा मंदिर तक पहुँचाती है
श्रद्धालुओं से जब इस पंडाल को लेकर प्रतिक्रिया ली गई, तो अधिकांश लोगों ने कहा:
“यह देखकर ऐसा लग रहा है जैसे असली त्रिकुटा मंदिर के दर्शन कर रहे हों।”





















