गिरिडीह:जमुआ प्रखंड मुख्यालय में आज त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और जिला परिषद प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।
धरना प्रदर्शन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने झारखंड सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि अबुआ आवास, पीएम आवास योजना, 15वीं वित्त आयोग की राशि और अन्य स्थानीय विकास कार्य पिछले डेढ़ वर्षों से रुके हुए हैं। विकास योजनाओं के लिए राशि नहीं मिलने से गांवों का विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।
उन्होंने वितरण में देरी और पंचायत सशक्तिकरण से जुड़ी समस्याओं पर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य और केंद्र दोनों सरकारें पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की अनदेखी कर रही हैं।
धरना के अंत में प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रखंड कार्यालय में सौंपा।
जिला मुखिया संघ के जिला अध्यक्ष भगीरथ मंडल ने चेतावनी दी कि —
“अगर हमारी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक आंदोलन किया जाएगा।”
वहीं जिला परिषद अध्यक्षा मुनिया देवी ने कहा कि —
“विकास राशि नहीं आने से पंचायतों का काम पूरी तरह ठप है। अगर दिसंबर तक 15वीं वित्त की राशि नहीं भेजी गई, तो आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक होगा।”
धरना कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्षा मुनिया देवी, मुखिया संघ प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप सिंह, मुखिया संघ के अन्य प्रतिनिधि, पंचायत समिति सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।





















