धनबाद: धनबाद में शनिवार को पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रसार कार्यशाला का आयोजन न्यू टाउन हॉल में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को स्वशासन, समावेशी विकास और बेहतर सेवा वितरण की दिशा में सशक्त करना रहा।
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए जिला परिषद की अध्यक्ष शारदा सिंह ने कहा कि पंचायतों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, पेयजल, जल संरक्षण आदि विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने केरल एवं गुजरात के पंचायत मॉडलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वहां की पंचायतें आत्मनिर्भर हैं और अपने ही राजस्व से उल्लेखनीय विकास कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा, “यदि पंचायत राज व्यवस्था सशक्त होगी, तो निश्चित ही ग्राम स्तर पर विकास सुनिश्चित होगा। सभी 9 निर्धारित पैरामीटरों पर गुणवत्तापूर्ण कार्य करें और समय पर डाटा एंट्री सुनिश्चित करें। प्रखंड प्रमुख, मुखिया और प्रखंड विकास पदाधिकारी मिलकर सामूहिक प्रयास करें, ताकि धनबाद जिला इस सूचकांक में शीर्ष पर पहुंचे।”
उप विकास आयुक्त सादात अनवर ने कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक 1.0 में जिले ने अच्छा प्रदर्शन किया था, और अब 2.0 में इसे और बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि यह पहल पंचायतों की कार्यप्रणाली को आंकने के साथ-साथ उन्हें सुधारने का अवसर भी प्रदान करती है। उन्होंने इसे ग्राम विकास की रीढ़ बताया।
कार्यशाला में राज्य प्रशिक्षक सुजीत नायक ने 9 बिंदुओं — जैसे गरीबी मुक्त पंचायत, स्वास्थ्य सेवाएं, बाल हित, जल सुरक्षा, स्वच्छता, हरित पहल, आधारभूत संरचना, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और सुशासन पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
राज्य समन्वयक अरशद अंसारी ने ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) पर विशेष ध्यान देने का आग्रह करते हुए कहा कि पंचायतों का विकास ही वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों की पूर्ति का मार्ग है।
कार्यक्रम में जिला परिषद की अध्यक्ष शारदा सिंह, उप विकास आयुक्त सादात अनवर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मुकेश कुमार बाउरी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रभात कुमार, डीपीएम तौहिद आलम, राज्य प्रशिक्षक सुजीत नायक, राज्य समन्वयक अरशद अंसारी, सभी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, विभिन्न अंचल के अंचल अधिकारी, मुखिया, प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य व अन्य लोग मौजूद थे।





















