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उपायुक्त आदित्य रंजन बोले — “माहवारी पर चुप्पी तोड़नी होगी, तभी बनेगा स्वस्थ समाज”

धनबाद:धनबाद के टाउन हॉल में आज एक अनोखा और साहसिक आयोजन हुआ — ‘पीरियड फेस्ट’ और ‘पैड यात्रा’, जिसका मकसद था मासिक धर्म (माहवारी) से जुड़ी भ्रांतियों को तोड़ना और जागरूकता फैलाना। इस कार्यक्रम का आयोजन गेल गैस लिमिटेड और सच्ची सहेली द्वारा, उनके CSR इनिशिएटिव के तहत किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा:
“माहवारी एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, इसे लेकर जो चुप्पी और शर्म समाज में फैली है, वह गलत है। हमें इस पर खुलकर बात करनी चाहिए, ताकि एक मजबूत, संवेदनशील और जागरूक समाज की नींव रखी जा सके।”
ढोल-नगाड़ों के साथ पैड यात्रा, बच्चों ने निकाली जागरूकता रैली

जहां पहले माहवारी जैसे मुद्दों पर चुप्पी साधी जाती थी, वहीं अब धनबाद की सड़कों पर ‘माहवारी शर्म की नहीं, गर्व की बात है’ जैसे नारे गूंजे। बच्चों ने सैनिटरी पैड के आकार के कार्ड्स बनाए और उन्हें लेकर ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते पूरे शहर में जागरूकता फैलाई।
‘प्रोजेक्ट नव चेतना’ से जुड़ी 16 सरकारी स्कूलें
धनबाद की 16 सरकारी स्कूलों में पहले से ही ‘प्रोजेक्ट नव चेतना’ के तहत माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सिर्फ किशोरियों को नहीं, बल्कि लड़कों और पुरुषों को भी इस मुद्दे पर संवेदनशील बनाना है।
“अगर हम लड़कों को शुरुआत से ही इन विषयों पर संवेदनशील बनाएंगे, तो समाज में लैंगिक समानता और सम्मान स्वतः विकसित होगा,” कार्यक्रम की आयोजक संस्था सच्ची सहेली की प्रतिनिधि ने कहा।
एक नई शुरुआत की ओर धनबाद
यह कार्यक्रम सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि सोच बदलने की शुरुआत है। एक ऐसा समाज, जहां मासिक धर्म को छिपाने नहीं, बल्कि समझने और स्वीकार करने की ज़रूरत हो।





















