बलियापुर(DHANBAD):झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं वर्तमान में पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत प्रवीण कुमार सिंह ने आज सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज बोकारो और सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज गोड्डा के संयुक्त इंडक्शन कार्यक्रम को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया।
यह कार्यक्रम नव नामांकित छात्रों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें प्रवीण कुमार सिंह को मुख्य वक्ता*l के रूप में आमंत्रित किया गया था। अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों को आत्मविश्वास, अनुशासन, लक्ष्य निर्धारण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर गहराई से प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि कैसे एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद, उन्होंने संघर्ष और मेहनत से झारखंड प्रशासनिक सेवा में स्थान प्राप्त किया। उनका संदेश था:
“सपने देखो, लेकिन उन्हें पूरा करने का जुनून भी पैदा करो। हार मानना विकल्प नहीं है।”
14 सितंबर को बिआईटी सिंदरी के इंडक्शन कार्यक्रम में प्रवीण सिंह के द्वारा दिए गए स्पीच को काफी सराहा गया था l
आज का मोटिवेशनल स्पीच 11:00 बजे से 1:00 बजे तक लगभग 2 घंटे ऑनलाइन मोड में संपन्न हुआ ।
जिसमें प्रवीण के द्वारा बच्चों को सर्वप्रथम उनकी सफलता के लिए बधाई दी गई, बताया गया कि आप स्पेशल हो ।
झारखंड प्रशासनिक सेवा की संरचना के बारे में भी बताया ।
बच्चों को उनका लक्ष्य अच्छा प्रशिक्षण होना चाहिए l नौकरी ,बिजनेस और स्टार्टअप में अंतर बताया ।
सिर्फ डिग्री नहीं स्किल आवश्यक है l
इंजीनियर विद वैल्यूज एंड एथिक्स चाहिए l
सिर्फ मशीन नहीं ह्यूमन बीइंग बनने की बात कही गई ।
सोशल स्फेयर बड़ा करना, सोशल रिलेशनशिप्स बड़ा करना आवश्यक है l
वर्कर नहीं लीडर बने ।
सोशल एवं पर्सनल लाइफ में बैलेंस करें और
अपने परिवार के लिए भी थोड़ा समय निकालें ।
पढ़ाई में प्रैक्टिकल एंड साइंटिफिक अप्रोच जरूरी l
कुछ उदाहरण देकर भी समझाए l
विकास का सही पैमाना क्या है
आज हम जंगलों को काटकर ग्रीन सिटी बना रहे हैं एनवायरमेंट की कीमत पर इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं होना चाहिए
डिग्री के साथ इनोवेशन हो
इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एनवायरमेंट डेवलपमेंट हो
स्टडी के साथ स्पोर्ट्स और मेडिटेशन हो ।
जीवन काफी सरल है ।
तनाव, क्रोध, भय को किसी ने नहीं देखा यह सिर्फ विचारों का खेल है
इससे मुक्ति हेतु स्टॉप_ चैक एंड गो की मेथड अपनाएं ,मेडिटेशन करें, इससे शरीर के सभी सिस्टम एक दूसरे से समन्वय में रहते हैं ।
भगवान बुद्ध की कहानी बताइ, जिसप्रकार गंदे पानी को साफ होने में समय लगता है l इसी प्रकार अशांत मन को स्वच्छ और निर्मल होने के लिए आपको ध्यान करना आवश्यक है । अंगुलिमाल की भी कहानी सुनाई जिसके जवाब में बुद्ध ने कहा था मैं तो ठहर गया तू कब ठहरेगा।
यह ठहराव मन के ठहराव से संबंधित है ।
दूसरे सेशन में बच्चों ने कई सवाल एथिक्स, सिविल सर्वेंट कैसे अपनी पर्सनल और पब्लिक इंटरेस्ट के बीच में सामंजस्य करते हैं ।
इतनी ज्यादा कंपटीशन में अपने आप को कैसे सरवाइव करें ।
कंसिस्टेंसी कैसे बनाए रखें ।
डिस्ट्रक्शन से कैसे बचें और स्टडी के साथ स्पोर्ट्स का समय कैसे निकाले कम्युनिकेशन स्किल कैसे बढ़ाए ,जैसे अनेक सवाल पूछे गए ।
जिनका संतोषजनक उत्तर दिया गया l
छात्रों ने पूरे उत्साह और गंभीरता से उनके अनुभवों को सुना। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रशासन ने *प्रवीण कुमार सिंह* को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका जीवन और विचार निश्चित रूप से छात्रों को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करेंगे।
इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन दोनों कॉलेजों के लिए सार्थक और प्रेरणादायी रहा, जिसमें सैकड़ों छात्र ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।





















