नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर विशेष चर्चा शुरू करेंगे। यह राष्ट्रीय गीत बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखा गया था और 7 नवंबर 1875 को पहली बार बंगदर्शन पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। आजादी की लड़ाई में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा और इसकी ऐतिहासिक अहमियत आज भी बनी हुई है।
पीएम मोदी संसद में इस गीत के महत्व और आज की जरूरत पर भी बात करेंगे। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि एनडीए सरकार भारत की आजादी और एकता के प्रतीकों से असहज है। संसद का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, और इस दौरान ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा हंगामेदार होने की संभावना है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस गीत को लेकर अलग-अलग राय सामने आ सकती है।






















