Paytm के फाउंडर विजय शेखर शर्मा के नाम पर हुआ WhatsApp Scam, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला, जानिए कैसे बचें ऐसे स्कैम से
नई दिल्ली – जब साइबर क्राइम की बात होती है तो आमतौर पर ठग दूसरों की पहचान चुराकर धोखाधड़ी करते हैं। लेकिन जब स्कैमर खुद को उसी इंसान के रूप में पेश करे जिसे वह ठगने जा रहा हो, तो मामला न केवल चौंकाने वाला होता है, बल्कि थोड़ा हास्यास्पद भी। कुछ ऐसा ही हुआ Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा के साथ, जिन्हें WhatsApp पर एक स्कैमर ने खुद का नाम विजय शेखर शर्मा बताकर मैसेज किया।
Highlights:
‘Impersonating Myself to Me’: विजय का सोशल मीडिया पोस्ट हुआ वायरल
इस मज़ेदार और गंभीर घटना को विजय शेखर शर्मा ने खुद X (पूर्व में Twitter) पर साझा किया। उन्होंने व्हाट्सएप का स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए लिखा:
इस मैसेज में स्कैमर ने उनसे पूछा: “Are you in the office?” और खुद को ‘Vijay Shekhar Sharma’ बताया।
इंटरनेट पर आई मज़ेदार प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यूज़र्स के रिएक्शन की बाढ़ आ गई। कुछ मज़ेदार प्रतिक्रियाएं:
“बस इतना कॉन्फिडेंस चाहिए लाइफ में।”
“Impersonating का तरीका थोड़ा casual है।”
“Vijay calling Vijay – जैसे फिल्म Karthik Calling Karthik में था।”
“Paytm UPI से कितना कैशबैक मिलेगा, ये तो पूछ ही लेते।”
हालांकि कुछ यूज़र्स ने इसे गंभीर साइबर सुरक्षा मुद्दा भी बताया और कहा कि आम लोग इस तरह की ठगी में आसानी से फंस सकते हैं।
WhatsApp Scam से कैसे बचें? जानिए जरूरी टिप्स
WhatsApp ने अपने ब्लॉग में बताया है कि स्कैम से बचने के लिए ये 3 कदम जरूर अपनाएं:
1. रुकिए और सोचिए (Stop and Think)
अगर कोई व्यक्ति जल्दबाजी में जवाब देने के लिए कहे, या पिन व पर्सनल जानकारी मांगे, तो सावधान हो जाएं।
2. बातचीत तुरंत बंद करें
अगर किसी का व्यवहार अजीब लगे या शक हो, तो तुरंत बातचीत बंद कर दें। कभी भी व्यक्तिगत या फाइनेंशियल जानकारी साझा न करें।
3. ब्लॉक करें और रिपोर्ट करें
ऐसे स्कैमर्स को तुरंत WhatsApp पर ब्लॉक करें और रिपोर्ट करें। साथ ही, अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत रखें।
हँसी-मजाक में भी छिपा है बड़ा खतरा
हालांकि विजय शेखर शर्मा के साथ हुआ यह मामला सोशल मीडिया पर एक फनी किस्सा बन गया, लेकिन यह साइबर सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी है। स्कैमर्स आज किसी भी हद तक जा सकते हैं — यहां तक कि आप बनकर आपको ही ठगने की कोशिश कर सकते हैं।
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यह घटना हमें याद दिलाती है कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। चाहे आप आम उपभोक्ता हों या किसी कंपनी के संस्थापक, साइबर अपराधी किसी को नहीं छोड़ते। तकनीक के साथ जागरूकता और सतर्कता ही आपको सुरक्षित रख सकती है।






















