मुजफ्फरपुर: पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर मुजफ्फरपुर में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कुमार मिश्रा द्वारा किए गए औचक निरीक्षण और मामलों की समीक्षा के बाद तुर्की थाना और पारू थाना के तत्कालीन थानाध्यक्षों को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार SSP कुमार मिश्रा ने तुर्की थाना का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान पश्चिमी-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा की गई जांच में थाना स्तर पर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि तत्कालीन थानाध्यक्ष द्वारा बिना किसी लिखित परिवाद के एक व्यक्ति को अवैध रूप से बंद रखा गया था। इसके अलावा माननीय न्यायालय द्वारा जारी वारंट और कुर्की आदेशों को लंबित रखने के भी प्रमाण पाए गए।
वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में यह भी सामने आया कि बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम से संबंधित मामलों में जब्त किए गए पदार्थों की समुचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी, जिसे गंभीर लापरवाही की श्रेणी में माना गया है।
इन सभी कृत्यों को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, अकर्मण्यता एवं संदिग्ध आचरण मानते हुए तुर्की थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष, पुलिस निरीक्षक संदीप कुमार महतो को सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इधर, पुलिस महानिदेशक, बिहार के निर्देश पर पारू थाना कांड संख्या 334/25 की समीक्षा SSP मुजफ्फरपुर द्वारा की गई। समीक्षा में पाया गया कि हत्या जैसे गंभीर एवं संवेदनशील मामले में सात माह बीत जाने के बावजूद न तो अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई, न ही न्यायालय से वारंट प्राप्त किया गया और न ही जख्मी स्वतंत्र गवाह का बयान दर्ज कराया गया।
इन गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए पारू थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष, पुलिस निरीक्षक चंदन कुमार को भी सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है






















