
भुरकुंडा: झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस के अवसर पर भुरकुंडा स्थित उत्सव मैरेज हॉल (महात्मा गांधी सभागार) में वैश्य सद्भावना महासम्मेलन का आयोजन किया।
कार्यक्रम से पूर्व भुरकुंडा थाना मैदान से भव्य वैश्य शोभायात्रा निकाली गई, जो भुरकुंडा बाजार, मेन रोड, बिरसा चौक होते हुए महासम्मेलन स्थल तक पहुँची। इसमें रामगढ़, हजारीबाग, रांची, गुमला, बोकारो, चतरा और लातेहार जिलों से बड़ी संख्या में वैश्य समाज के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समाजसेवी शामिल हुए।
महासम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु ने की, जबकि संचालन केंद्रीय महासचिव आदित्य नारायण प्रसाद और प्रखंड अध्यक्ष मुकेशलाल सिंदूरिया ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई और दीप प्रज्वलन के साथ उद्घाटन किया गया।
स्वागत समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया, वहीं प्रधान महासचिव बीरेंद्र कुमार ने वैश्य मोर्चा की गतिविधियों और समाज से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर 16 व्यक्तियों को उत्कृष्ट वैश्य सम्मान से सम्मानित किया गया, जिनमें समाजसेवी, पत्रकार, अभियंता एवं अन्य क्षेत्रों के कार्यकर्ता शामिल थे।
अध्यक्षीय संबोधन में महेश्वर साहु ने कहा कि महात्मा गांधी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत रामगढ़ की क्रांतिकारी धरती से की थी। उन्होंने कहा कि समाज के हित में संघर्ष करने के लिए पद नहीं, बल्कि साफ नीयत और मजबूत इच्छाशक्ति आवश्यक है। उन्होंने आगामी 23 मार्च को रांची में आयोजित होने वाले महासम्मेलन में सभी कार्यकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम में कई समाजसेवियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने संबोधन दिया। महासम्मेलन को सफल बनाने में वैश्य मोर्चा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का योगदान सराहनीय रहा।






















