निरसा: धनबाद के निरसा स्थित मैथन डैम पर लगाई गई एडवेंचर बोटिंग सुविधा के उद्घाटन से पहले स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि डीवीसी (दामोदर वैली कॉरपोरेशन) के विकास कार्यों में विस्थापित परिवारों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं की जा रही है।
गुस्साए ग्रामीणों ने विधायक और परियोजना प्रमुख का पुतला फूंकते हुए कार्यक्रम रद्द करने की मांग की।
निरसा के मैथन डैम छठ घाट गोगना के पास डीवीसी प्रबंधन के सहयोग से एडवेंचर बोटिंग सुविधा शुरू की जा रही थी।
मंगलवार को पर्यटन मंत्री सुदीप कुमार सोनू, निरसा विधायक अरूप चटर्जी और डीवीसी परियोजना प्रमुख सुमन कुमार सिंह के हाथों उद्घाटन होना तय था।
लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ग्रामीण काला झंडा लेकर जुलूस की शक्ल में गोगना बस्ती से डैम किनारे तक पहुंचे और डीवीसी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
उनका कहना था कि वे विस्थापित परिवार हैं, और डैम में हो रहे विकास कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, न कि बाहरी ठेकेदारों को काम दिया जाए।
चार दिन पहले इस मुद्दे पर विधायक, परियोजना प्रमुख और विस्थापित प्रतिनिधियों के बीच बैठक भी हुई थी, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, डैम क्षेत्र में कोई नया काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए आज निर्धारित एडवेंचर बोटिंग के उद्घाटन कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे जल्द ही धनबाद उपायुक्त से मुलाकात कर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग करेंगे।





















