निरसा उत्तर पंचायत के ग्रामीणों को दो महीने बाद जल संकट से मिली मुक्ति, समाजसेवी मनोज सिंह की तत्परता बनी समाधान की कुंजी
समाजसेवी मनोज सिंह की पहल से निरसा उत्तर पंचायत के ग्रामीणों को दो महीने बाद जल संकट से राहत मिली। ग्रामीणों ने जताया आभार। जल संकट समाधान में समाजसेवी की अहम भूमिका।
Highlights:
“दो महीने की प्यास बुझी: समाजसेवी मनोज सिंह की पहल से निरसा पंचायत में जल संकट का समाधान”
निरसा प्रखंड अंतर्गत निरसा उत्तर पंचायत के ग्रामीणों के चेहरों पर अब मुस्कान लौट आई है। बीते दो महीनों से पेयजल संकट से जूझ रहे इन गांवों को आखिरकार राहत मिल ही गई — और इसका पूरा श्रेय जाता है समाजसेवी मनोज सिंह की पहल से जल संकट समाधान तक पहुंचने वाली कोशिशों को।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से पानी की समस्या को लेकर गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। गर्मी में पानी के लिए लंबी दूरी तय करना, महिलाओं और बच्चों के लिए और भी कठिन था।
थक-हार कर जब ग्रामीणों ने समाजसेवी मनोज सिंह से संपर्क किया, तब उन्होंने इसे एक मानवीय जिम्मेदारी समझते हुए बिना देरी किए समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए। उन्होंने प्रशासनिक महकमे से लगातार संपर्क साधा, स्थानीय तकनीकी टीम को सक्रिय किया और समस्या की तह तक जाकर काम शुरू करवाया।
पानी की व्यवस्था बहाल, अब हर घर में नल
मनोज सिंह की तत्परता से अब गांव में पानी की व्यवस्था बहाल हो गई है। हैंडपंप और जलापूर्ति पाइपलाइन की मरम्मत करवाई गई, जिससे अब हर घर तक पानी पहुँच रहा है।
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ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
बृजेंद्र गोस्वामी, एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा, “हम लोग दो महीनों से परेशान थे। किसी ने नहीं सुना। मनोज सिंह जी ने ही हमारी तकलीफ को समझा और बहुत मेहनत से पानी की व्यवस्था करवाई।”
वहीं समाजसेवी मनोज सिंह ने बताया, “ये सिर्फ पानी की नहीं, मानवीय अधिकार की लड़ाई थी। ग्रामीणों की पीड़ा देखकर मैं खुद को रोक नहीं सका। आगे भी हर संभव सहायता करता रहूँगा।”
गांव में आभार और उत्सव का माहौल
समस्या के समाधान के बाद गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने समाजसेवी मनोज सिंह की पहल से जल संकट समाधान पर जोर देते हुए उन्हें धन्यवाद और साधुवाद अर्पित किया। गांव में कहीं मिठाइयाँ बँटी, तो कहीं दीप जलाए गए।






















